लखनऊ में फिर लौटा कोरोना! SGPGI डॉक्टर संक्रमित, सिविल अस्पताल में हाई अलर्ट, जानिए कितने एक्टिव केस

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लखनऊ में फिर लौटा कोरोना! SGPGI डॉक्टर संक्रमित, सिविल अस्पताल में हाई अलर्ट, जानिए कितने एक्टिव केस


लखनऊ: देशभर में एक बार फिर कोरोना ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी इसकी चपेट में आता दिख रहा है. बीते 24 घंटे में लखनऊ में कोरोना के 8 नए केस सामने आए हैं, जिससे शहर में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी मरीज की मौत की सूचना नहीं है और अधिकतर संक्रमित लोग ठीक भी हो चुके हैं.

ताजा हालात के अनुसार, लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) के एक डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिससे मेडिकल स्टाफ में भी एक बार फिर सतर्कता बढ़ गई है.

क्या है सिविल अस्पताल में व्यवस्था?
लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कोविड-19 से निपटने के लिए पहले से ही तमाम इंतज़ाम किए गए हैं. अस्पताल प्रशासन की ओर से आइसोलेशन रूम तैयार कर लिया गया है, जिसमें कई बेड लगाए गए हैं. सिविल अस्पताल के CMS डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि फिलहाल जो वेरिएंट सामने आया है, वह ज्यादा घातक नहीं है और इससे मृत्यु दर भी बहुत कम है.

CMS ने कहा, “डरने की नहीं, लड़ने की ज़रूरत है. जनता को सिर्फ थोड़ी सी सावधानी बरतनी है. अगर लोग सजग रहेंगे तो कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है.”

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
डॉक्टरों और प्रशासन की तरफ से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. खासतौर से कुछ जरूरी सावधानियां हैं जिन्हें अपनाकर आप कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं.

1. अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें.
2. घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना न भूलें.
3. हाथों को बार-बार धोएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
4. अगर कोई कोरोना जैसे लक्षण दिखते हैं (जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश), तो तुरंत खुद को आइसोलेट कर लें और डॉक्टर से संपर्क करें.

स्थानीय लोगों ने दी राय
लखनऊ के रहने वाले विजय मिश्रा का कहना है, “पहले ही एक बार ये बीमारी हम सब देख चुके हैं, इसलिए अब घबराने की बजाय समझदारी दिखाने का समय है.” वहीं मीनाक्षी सिंह कहती हैं, “मास्क और सैनिटाइज़र की आदत फिर से शुरू करनी होगी, क्योंकि कोरोना हमें कभी भी फिर से चौंका सकता है.”

कोरोना की रफ्तार भले ही धीमी हो, लेकिन खतरा टला नहीं है. खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा सतर्क रहें. लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है, अब बारी जनता की है कि वह भी जिम्मेदारी से व्यवहार करे.



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