बांके बिहारी कॉरिडोर बनने से बेघर हुए 275 परिवार अब कहां जाएंगे? प्रशासन ने…
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वृंदावन में श्री बांके बिहारी जी कॉरिडोर परियोजना से प्रभावित 275 परिवारों के पुनर्वास के लिए रुक्मिणी विहार और सुनरख बांगर में फ्लैट बनाए जाएंगे. मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण वन व टू बीएचके फ्लैट निर्माण की य…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- 275 परिवारों के पुनर्वास के लिए रुक्मिणी विहार में फ्लैट बनेंगे.
- प्रभावित दुकानदारों को नए कॉरिडोर में दुकानें आवंटित होंगी.
- रुक्मिणी विहार और सुनरख बांगर में पुनर्वास की योजना तैयार.
मथुरा- वृंदावन में श्री बांके बिहारी जी कॉरिडोर (Banke Bihari Mandir Corridor) परियोजना के लिए जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को बसाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. कुल 275 परिवार इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से लगभग 200 दुकान मालिक भी शामिल हैं. इन परिवारों को बसाने के लिए रुक्मिणी विहार और सुनरख बांगर में जमीन चिन्हित कर ली गई है. यहां फ्लैट बनाकर प्रभावितों को आवश्यकता के अनुसार आवंटित किए जाने की योजना बनाई गई है.
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जिन भू-स्वामियों और सेवायतों की संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं, उन्हें विकल्प के रूप में रुक्मिणी विहार या सुनरख में पुनर्वास का अवसर दिया जाएगा. इसके साथ ही प्रभावित दुकानदारों को नए कॉरिडोर में दुकानें भी आवंटित की जाएंगी और सभी को उनकी संपत्ति के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा.
कॉरिडोर के लिए 5.5 एकड़ जमीन का सत्यापन जारी
जिला प्रशासन श्री बांके बिहारी जी कॉरिडोर के निर्माण को लेकर तेजी से कार्य कर रहा है. लगभग 5.5 एकड़ जमीन का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. इसी के साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रभावित परिवारों को एक ही क्षेत्र में समूहबद्ध तरीके से पुनर्वासित किया जाए.
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि रुक्मिणी विहार आवासीय योजना के अंतर्गत चार बड़े प्लॉट चिन्हित किए गए हैं. यहां वन और टू बीएचके मिलाकर लगभग 325 से 350 फ्लैट बनाए जाएंगे. आवश्यकता पड़ने पर आस-पास के क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता के अनुसार फ्लैटों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है.
सुनरख बांगर में भी साढ़े तीन एकड़ जमीन चिन्हित
रुक्मिणी विहार के अलावा सुनरख बांगर क्षेत्र में भी करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन चयनित की गई है, जहां भविष्य में आवासीय निर्माण हो सकता है. यह जमीन अतिरिक्त पुनर्वास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रखी गई है.
विकास प्राधिकरण के अनुसार रुक्मिणी विहार योजना के अंतर्गत 3924.91 वर्ग मीटर, 2844 वर्ग मीटर, 1800 वर्ग मीटर और 1504 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले चार प्लॉट इस योजना के लिए चिह्नित किए गए हैं. इन पर ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा.
फ्लैट डिजाइन तैयार, निर्माण जल्द शुरू होगा
विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने जानकारी दी कि फ्लैटों का डिजाइन तैयार कर लिया गया है. प्राथमिकता के तौर पर रुक्मिणी विहार में निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की योजना है, जिससे प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द पुनर्वासित किया जा सके.