लागत सिर्फ 4 हजार रुपए, कमाई रोजाना एक हजार रुपए…कमाल का है यह बिजनेस, बंपर है डिमांड

0
लागत सिर्फ 4 हजार रुपए, कमाई रोजाना एक हजार रुपए…कमाल का है यह बिजनेस, बंपर है डिमांड


Last Updated:

Business Idea: जौनपुर के अर्जुन ने महंगाई और बेरोज़गारी के दौर में छोटे व्यापार से आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है. उन्होंने मात्र 4 हजार रुपये से नींबू चाय की चलती-फिरती दुकान शुरू की और 17 सालों की मेहनत से आज रोजाना करीब 1 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं. सुबह-शाम भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुकान लगाकर वे 200–250 कप चाय बेचते हैं. अर्जुन का मानना है कि मेहनत और धैर्य से छोटा व्यापार भी नौकरी से बेहतर साबित हो सकता है.

जौनपुर: महंगाई और बेरोज़गारी के इस दौर में जब पढ़े-लिखे युवा भी नौकरी के लिए भटक रहे हैं, ऐसे समय में जौनपुर के अर्जुन ने छोटे व्यापार से आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है. अर्जुन पिछले 17 सालों से नींबू चाय बेच रहे हैं और आज उनकी चलती-फिरती दुकान लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है. खास बात यह है कि उन्होंने इस काम की शुरुआत मात्र चार हजार रुपये की लागत से की और आज रोजाना करीब एक हजार रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.

कम लागत अधिक मुनाफा 
अर्जुन ने बताया कि नौकरी की तलाश में समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं, लेकिन छोटे व्यापार में मेहनत के साथ सीधा मुनाफा मिलता है. नींबू चाय की दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने एक ठेला गैस चूल्हा, केतली, ग्लास, नींबू, चाय पत्ती और कुछ जरूरी सामान खरीदा. कुल मिलाकर चार हजार रुपये में उनकी चलती-फिरती दुकान तैयार हो गई. सुबह और शाम के समय वे भीड़भाड़ वाले इलाके में अपनी दुकान लगाते हैं, जहां चाय पीने वालों की अच्छी खासी भीड़ जुटती है.

हजार रुपए की हर दिन कमाई 
नींबू चाय की खासियत यह है कि यह सस्ती, स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. गर्मी हो या सर्दी, नींबू चाय के शौकीनों की कमी नहीं होती. अर्जुन की चाय का स्वाद और साफ-सफाई लोगों को खूब पसंद आती है, जिससे उनके नियमित ग्राहक बन गए हैं. वे रोजाना 200 से 250 कप तक चाय बेच लेते हैं. खर्च निकालने के बाद भी उन्हें प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये की शुद्ध कमाई हो जाती है.

नौकरी नहीं व्यापार चुना 
अर्जुन का कहना है कि अगर कोई युवा मेहनत और धैर्य से काम करे तो छोटा व्यापार भी नौकरी से कहीं बेहतर साबित हो सकता है. इसमें न बॉस का दबाव होता है और न ही समय की सख्ती. अपने हिसाब से काम करने की आज़ादी मिलती है और मुनाफा सीधे जेब में जाता है. वे यह भी बताते हैं कि शुरुआत में थोड़ी मुश्किल जरूर आती है, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहक बढ़ने लगते हैं और कमाई भी स्थिर हो जाती है.

About the Author

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

लागत सिर्फ 4 हजार रुपए, कमाई रोजाना एक हजार रुपए…कमाल का है यह बिजनेस



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *