सपा के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी गिरफ्तार, 700 करोड़ के बैंक घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई
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ईडी ने 700 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को गिरफ्तार किया है. गंगोत्री एंटरप्राइजेज पर 1,129 करोड़ रुपये के कर्ज को गलत तरीके से डायवर्ट करने का आरोप है.
सपा के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी.
हाइलाइट्स
- सपा के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी गिरफ्तार.
- 700 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में ईडी की कार्रवाई.
- गंगोत्री एंटरप्राइजेज पर 1,129 करोड़ रुपये के कर्ज को डायवर्ट करने का आरोप.
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और यूपी के बाहुबली नेता रहे पूर्व मंत्री हरि शंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी को ईडी ने गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई करीब 700 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले से जुड़े मामले में की गई है. ईडी ने सोमवार सुबह देशभर में 9 स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, नोएडा और गोरखपुर शामिल हैं.
जांच एजेंसी ने विनय शंकर तिवारी और उनकी कंपनी गंगोत्री एंटरप्राइजेज से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. यह मामला 2012 से 2016 के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें गंगोत्री एंटरप्राइजेज पर सात बैंकों के कंसोर्टियम से 1,129 करोड़ रुपये के कर्ज लेकर उसे गलत तरीके से डायवर्ट करने और गबन करने का आरोप है. इस घोटाले से बैंकों को 754 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. ईडी ने इस मामले में पहले भी कई बार छापेमारी की है और अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
विनय शंकर तिवारी कौन हैं?
विनय शंकर तिवारी गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं. बाद में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. उनके पिता हरि शंकर तिवारी पूर्वांचल के प्रभावशाली नेता रहे, जिनका क्षेत्र में लंबे समय तक दबदबा रहा.
क्या है मामला?
ED की जांच CBI की उस FIR पर आधारित है, जिसमें गंगोत्री एंटरप्राइजेज और इसके प्रमोटरों, निदेशकों और गारंटरों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था. जांच में पता चला कि कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले सात बैंकों से लिए गए कर्ज को गलत तरीके से अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया और इसका दुरुपयोग किया. सोमवार को हुई छापेमारी में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और संपत्तियों के विवरण जब्त किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ED जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले, नवंबर 2023 में ED ने विनय शंकर तिवारी और उनके परिवार की 72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. फरवरी 2024 में भी लखनऊ, गोरखपुर, नोएडा, अहमदाबाद और गुरुग्राम में छापेमारी की गई थी. दिसंबर 2024 में 30.86 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति जब्त की गई थी. ईडी अफसरों के मुताबिक, जांच अभी जारी है, और इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है. विनय शंकर तिवारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी के आरोपों में कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है. यह मामला न केवल पूर्वांचल की सियासत बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है.