सहारनपुर की नर्सरी का कमाल…एक पौधे में करें ब्रह्मा, विष्णु और महेश के दर्शन, 150 रुपये में ले जाएं घर
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Saharanpur News : सहारनपुर के प्रकृति कुंज में तीन पौधों को मिलकर एक पौधा तैयार किया गया है. इस एक पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों के दर्शन हो जाते हैं. हिंदू धर्म में ये पेड़ सदियों से काफी पूजनीय रहे हैं…और पढ़ें
3 पेड़ों को मिलाकर एक पेड़ तैयार कर रहे राजेंद्र नाम रखा हरी शंकरी
हाइलाइट्स
- सहारनपुर के राजेंद्र अटल ने हरी शंकरी पौधा तैयार किया है.
- इस पौधे में ब्रह्मा, विष्णु, महेश के दर्शन होते हैं.
- हरी शंकरी पौधा पीपल, बड़ और बरगद से बना है.
सहारनपुर. नर्सरी के पौधे हमेशा से लोगों को आकर्षित करते रहे हैं. सहारनपुर का प्रकृति कुंज ऐसी ही जगह है, जहां इन दिनोंं ब्रह्मा, विष्णु और महेश का पौधा तैयार किया जा रहा है. इस पौधे को हरी शंकरी का नाम दिया गया है. हिंदू धर्म में पेड़-पौधों का खास स्थान है. करीब हर मंदिर और शिवालय में आपको कोई न कोई पेड़ जरूर मिलेगा. हरी शंकरी का पेड़ पूजा के लिए खूब इस्तेमाल होता है. जब से यूपी की सत्ता में योगी सरकार आई है, इस पेड़ को प्राथमिकता के आधार पर पौधरोपण में शामिल किया गया. इसी को देखते हुए प्रकृति कुंज के राजेंद्र अटल हरी शंकरी के पौधों को तैयार करने में जुट गए. राजेंद्र अटल ने तीन पौधों को मिलकर एक पौधा तैयार किया है.
पेड़ एक, कल्ले अलग
अब ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों भगवानों के पेड़ अलग-अलग लगाने की जरूरत नहीं. अगर अपने घर में एक पौधा लगा लिया तो दिखाई आपको एक पेड़ देगा, लेकिन जब विशाल वृक्ष बनेगा तब इसकी अलग-अलग शाखों में तीनों के कल्ले फूटेंगे. ये पेड़ काफी पूजनीय है. विशाल वृक्ष बनने पर वातावरण शुद्ध रखता है और इस पर पक्षी बसेरा भी खूब करते हैं. राजेंद्र अटल पुरानी पेड़ों की प्रजातियों को बचाने में जुटे हैं. उनके पास हजार से अधिक प्रजाति के फूल और फलों के पौधे हैं.
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इन पेड़ों का मिश्रण
हरी शंकरी का पौधा हिंदू धर्म में पूजनीय है. इसके एक पौधे की कीमत मात्र डेढ़ सौ रुपये है. Local 18 से बात करते हुए राजेंद्र अटल कहते हैं कि इस पौधे को मंदिरों में लगाया जाता है. ये काफी आध्यात्मिक पौधा है. वन विभाग विशेष अभियान चलाकर इसे हर जगह लगवाने में जुटा है. हरी शंकरी पौधे को पीपल, बड़ और बरगद को मिलाकर तैयार किया गया है.