सहारनपुर: माँ शाकंभरी में आई भीषण बाढ़, 4 की मौत के बाद दर्शन यात्रा रुकी
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Saharanpur Maa Shakumbhari Devi: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है. भारी आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बारिश के अलर्ट के बीच सहारनपुर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ शाकंभरी देवी क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा में दो श्रद्धालुओं की पानी में बहने से मौत हो गई, जबकि आंधी-तूफान के कारण जिले में कुल 3-4 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति की गंभीरता और आगामी 2-3 दिनों के मौसम अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर को पूरी तरह खाली कराकर श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक लगा दी है.
Saharanpur Maa Shakumbhari Devi: पश्चिमी यूपी में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बारिश को लेकर अलर्ट चल रहा है. जहाँ बीते दिन सहारनपुर में देर रात, आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश और सहारनपुर के मां शाकंभरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया था. जिससे दो श्रद्धालुओं की पानी में बहने से मौत हो गई थी, जबकि श्रद्धालुओं के सभी वाहन पानी में बहने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे. हालांकि सहारनपुर जिले में इस आंधी-तूफान में तीन से चार लोगों की मौत हुई थी.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा पर लगी रोक
अचानक आई बाढ़ के कारण शाकंभरी क्षेत्र में अब श्रद्धालुओं के लिए कुछ दिन के लिए दर्शन यात्रा बंद कर दी गई है. यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है. जबकि अभी भी अलर्ट जारी है कि 2 से 3 दिन में दोबारा से ऐसी स्थिति बन सकती है. इसलिए श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से दूर रहने के लिए कहा गया है. जबकि श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है, हालांकि श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से 10 किलोमीटर पहले ही रोक दिया जा रहा है, लेकिन कुछ श्रद्धालु अभी भी मानने को तैयार नहीं हैं. जबकि मंदिर परिसर पूरे तरीके से खाली कराया जा चुका है और बाढ़ के कारण जिन चीजों का नुकसान हुआ है, उसको ठीक कराया जा रहा है.
कई राज्यों से आते हैं श्रद्धालु, प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
आपको बता दें कि सहारनपुर जनपद के सिद्धपीठ माँ शाकंभरी क्षेत्र में दर्शन करने के लिए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं. लेकिन जो श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इस बार उनको दर्शन नहीं बल्कि बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ेगा. क्योंकि पुलिस प्रशासन का पूरा पहरा अब इस नदी पर है.
अलर्ट अलार्म एक्टिव, स्थिति बिगड़ने पर बढ़ सकती है अवधि
जबकि अलर्ट अलार्म भी लगाए गए हैं, जिससे कि पानी आने से पहले लोगों को पहले ही सूचित किया जा सके और वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें. जो श्रद्धालु वहां पर रुके हैं, उनको भी जल्द से जल्द वापस लौटने की हिदायत दी जा रही है. फिलहाल यह सिद्धपीठ पूरे तरीके से खाली कराया जा चुका है और अगले तीन दिन तक यहां पर दर्शन की अनुमति नहीं है. हालांकि पुलिस प्रशासन के द्वारा यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर 2 से 3 दिन में स्थिति ठीक नहीं हुई, तो इस अवधि को और बढ़ाया जाएगा. फिलहाल जो दर्शन करने आ रहे हैं, उनको बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ रहा है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें