सालों की विरासत की नई कहानी, जौनपुर की बेटी वैशाली साहू ने पारंपरिक तेल व्यवसाय को पहुंचाया आधुनिक ऊंचाइयों तक
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एम.बी.ए. की पढ़ाई के बाद जौनपुर की वैशाली साहू ने अपने पिता के 130 साल पुराने पारंपरिक तेल व्यवसाय को संभाला और इसे आधुनिक प्रबंधन के साथ नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. यह कहानी सिर्फ व्यवसाय की नहीं, बल्कि परंपरा, भरोसे और बेटी की प्रेरणा की भी है.
जौनपुर. आज के समय में जब पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा बड़े शहरों और मल्टीनेशनल कंपनियों की ओर रुख करते हैं, ऐसे दौर में जौनपुर की एक बेटी ने मिसाल कायम की है. एम.बी.ए. की पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर से बाहर जाने के बजाय वैशाली साहू ने अपने पिता के 130 वर्ष पुराने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, उनका यह कदम न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे जौनपुर के लिए गर्व का विषय बन गया है. अंतुराम महावीर प्रसाद सुगंधी नाम से प्रसिद्ध यह व्यवसाय सन 1895 से लगातार संचालित हो रहा है. यह एक ऐसा पारिवारिक कारोबार है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता आया है. लगभग 130 वर्षों से यह प्रतिष्ठान शुद्धता, भरोसे और परंपरा का प्रतीक रहा है. स्वर्गीय संजय कुमार साहू के निधन के बाद इस ऐतिहासिक व्यवसाय की जिम्मेदारी उनकी पुत्री वैशाली साहू ने संभाली और आज वे इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रही हैं.
आज भी निकाला जाता है पारंपरिक घानी और कोल्हू पद्धति से शुद्ध तेल
अंतुराम महावीर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आज भी पारंपरिक घानी और कोल्हू पद्धति से शुद्ध तेल निकाला जाता है. आधुनिक मशीनों के दौर में भी इस प्रतिष्ठान ने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया. तिल का तेल, नारियल का तेल और अन्य प्राकृतिक तेल यहां पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाते हैं, जिससे स्वाद और शुद्धता बरकरार रहती है. यही कारण है कि जौनपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी इस ब्रांड पर लोगों का वर्षों पुराना भरोसा कायम है. वैशाली साहू ने व्यवसाय संभालते ही इसमें आधुनिक प्रबंधन की सोच को जोड़ा. एम.बी.ए. की पढ़ाई से प्राप्त अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने ग्राहकों से संवाद, पैकेजिंग, स्वच्छता और विपणन पर विशेष ध्यान देना शुरू किया.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पारंपरिक पहचान और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न आए. उनका मानना है कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन ही किसी भी पुराने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकता है. एक बेटी द्वारा पिता के व्यवसाय को संभालना आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है. वैशाली साहू ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. उन्होंने न केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाई, बल्कि जौनपुर की ऐतिहासिक व्यापारिक विरासत को सहेजने का काम भी किया है. अंतुराम महावीर प्रसाद सुगंधी आज जौनपुर की पहचान बन चुका है, यह व्यवसाय केवल तेल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे, परंपरा और मेहनत की कहानी भी कहता है. वैशाली साहू के नेतृत्व में यह 130 साल पुराना कारोबार आने वाले समय में और भी मजबूत होगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है.
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