सैडो, कल्लू और डैनी…परिवार बिखरा तो इनमें अबान ने खोजी मोहब्बत, अब इनका क्या
Atiq Ahmed Son Abaan dog lover: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत की चर्चा यूपी में खूब है. झांसी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद को लेकर अब कई सारी नई जानकारियां सामने आ रही हैं. कहीं उसके आखिरी सफर की चर्चा है, तो कहीं भाई अली अहमद से उसके रिश्ते की. इसी बीच अबान की जिंदगी का एक ऐसा पहलू भी सामने आया है, जो अपराध की दुनिया से अलग था. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिता अतीक अहमद की तरह उसे भी विदेशी नस्ल के कुत्ते पालने का शौक था. परिवार पर आए मुश्किल दौर में सैडो, कल्लू और डैनी नाम के तीन कुत्ते उसकी जिंदगी का का अहम हिस्सा बन गए थे. आइए जानते हैं अबान और इन तीनों कुत्तों के बीच के रिश्ते की पूरी कहानी.
पिता अतीक से मिला था विदेशी नस्ल के कुत्तों को पालने का शौक
मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज के चकिया इलाके में रहने वाले लोग अतीक के परिवार के बारे में कई सारी जानकारी जानते थे. उनका आपस में मिलना-जुलना भी था. उन्हीं लोगों के मुताबिक, अतीक अहमद को लंबे समय से विदेशी नस्ल के कुत्ते पालने का शौक था. उसके घर में कई महंगे डॉग्स रखे जाते थे. उनके खाने, रहने और इलाज तक के लिए अलग व्यवस्था की गई थी. यही शौक धीरे-धीरे अबान अहमद में भी आ गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अतीक अहमद जेल में था, तब अबान अक्सर इन कुत्तों के साथ समय बिताता था. वह उनकी देखभाल पर खास ध्यान देता था और कई बार उनके खाने-पीने का भी इंतजाम खुद देखता था.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद बदल गई थी पूरी तस्वीर
फिर 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक परिवार पर पुलिस का शिकंजा कसता चला गया. बड़े बेटे असद अहमद की एनकाउंटर में मौत हो गई. 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या भी कर दी गई. इसके बाद मां शाइस्ता परवीन भी फरार हो गईं, जबकि परिवार के कई सदस्य जेल पहुंच गए. इन घटनाओं का असर सिर्फ परिवार पर ही नहीं पड़ा, बल्कि घर में पाले गए विदेशी नस्ल के कुत्तों की देखभाल भी प्रभावित हुई थी. जिसकी खबर उस समय भी दुनिया को पता चली थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित देखभाल नहीं मिलने के कारण दो कुत्तों की मौत भी हो गई थी.
सैडो, कल्लू और डैनी से था खास लगाव
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, विदेशी नस्ल के तीन कुत्ते- सैडो, कल्लू और डैनी. अबान के सबसे पसंदीदा थे. बाद में इनकी देखभाल की जिम्मेदारी असरावल कला निवासी तौकीर अली और दरियाबाद निवासी मोहम्मद अमन अंसारी ने संभाली थी. बताया जाता है कि जब भी मौका मिलता, अबान इन कुत्तों को देखने पहुंचता था. वह उनकी सेहत और देखभाल के बारे में जानकारी लेता था. चकिया इलाके के लोगों का कहना है कि परिवार पर आए मुश्किल दौर में इन तीनों कुत्तों से उसका लगाव और बढ़ गया था.
221 दिन बाल संरक्षण गृह में भी रहा था अबान
उमेश पाल हत्याकांड के बाद अबान और उसके भाई अहजम को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया था. दोनों वहां 221 दिन तक रहे. बाल कल्याण समिति के आदेश पर अक्टूबर 2023 में दोनों भाइयों को उनकी फूफी परवीन कुरैशी की सुपुर्दगी में दिया गया. रिहाई के बाद अबान सबसे पहले अपने पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की कब्र पर फातिहा पढ़ने पहुंचा था. इसके बाद वह धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश करता रहा.
भाई अली से मिलने जा रहा था, रास्ते में हो गया हादसा
गुरुवार को अबान अहमद झांसी जेल में बंद अपने भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था. रास्ते में झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में उसकी कार हादसे का शिकार हो गई. इस हादसे में अबान और उसके एक साथी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए. अबान की मौत के बाद उसकी जिंदगी के कई ऐसे पहलू सामने आ रहे हैं, जिनके बारे में पहले बहुत कम लोग जानते थे. विदेशी नस्ल के कुत्तों के प्रति उसका लगाव भी उन्हीं में से एक है.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है…
अबान अहमद की मौत के बाद एक सवाल फिर लोगों के जेहन में बार-बार उठ रहा है कि जिन सैडो, कल्लू और डैनी से उसे इतना लगाव था, उनकी देखभाल अब कौन करेगा? हालांकि, इन कुत्तों की जिम्मेदारी पहले से ही दूसरे लोगों के पास होने की बात कही जाती है, लेकिन अबान की मौत के बाद इन तीनों का नाम भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है.