होर्मुज संकट: कारोबारियों की चमकी किस्मत! ब्रिटेन गया ₹19289640 का पहला माल
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Kanpur News: होर्मुज संकट के बीच कानपुर के कारोबारियों के लिए गुड न्यूज है. भारत और ब्रिटेन के बीच लागू हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) ने कानपुर के निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए दरवाजे खोल दिए हैं. अब 99 फीसदी भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन में बिना किसी आयात शुल्क (ड्यूटी फ्री) के एंट्री मिलेगी. इसी ऐतिहासिक समझौते के तहत कानपुर के आईसीडी पनकी से करीब 2 लाख डॉलर के लेदर बेल्ट्स, गारमेंट्स और फुटवियर का पहला शिपमेंट ब्रिटेन के लिए रवाना कर दिया गया है.
Kanpur Traders First Shipment to Britain: होर्मुज को लेकर दुनिया भर में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर के बीच कानपुर के निर्यातकों के लिए अच्छी खबर आई है. भारत और ब्रिटेन के बीच लागू हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते यानी CETA ने शहर के कारोबारियों के लिए नए बाजारों के दरवाजे खोल दिए हैं. आईसीडी पनकी में आयोजित फ्लैग-ऑफ समारोह के दौरान कानपुर से ब्रिटेन के लिए पहला शिपमेंट रवाना किया गया. कार्यालय जनरल डाइरेक्टर विदेश व्यापार (DGFT), फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) और कानपुर लॉजिस्टिक्स पार्क लिमिटेड (KLPL) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भारत-यूके CETA के तहत व्यापार संचालन की औपचारिक शुरुआत की गई.
पहले शिपमेंट के रवानगी के समय मौके पर एसी कस्टम्स विशाल शास्त्री, डीजीएफटी के सुजीत निराला, एफआईईओ उत्तर प्रदेश के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव, एफएफडीसी के उप निदेशक बी.वी. शुक्ला, केएलपीएल के टर्मिनल मैनेजर प्रोमित आदया और डीजीएम सेल्स राहुल जायसवाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
कानपुर से ब्रिटेन भेजा गया दो लाख डॉलर का माल
CETA के तहत कानपुर से करीब दो लाख डॉलर के लेदर बेल्ट्स, फुटवियर, टेक्सटाइल और गारमेंट्स का शिपमेंट आईसीडी पनकी से मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट के लिए भेजा गया है, जहां से यह माल ब्रिटेन रवाना किया जाएगा. आईसीडी पनकी लंबे समय से कानपुर और आसपास के उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्र रहा है और इस समझौते के बाद इसकी भूमिका और बढ़ने की उम्मीद है.
99 फीसदी भारतीय उत्पादों को ड्यूटी फ्री एंट्री
15 जुलाई 2026 से लागू हुए इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 फीसदी उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बिना किसी आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा. अब तक भारतीय रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़े के सामान, इंजीनियरिंग उत्पाद और रसायनों पर ब्रिटेन में 4 से 16 फीसदी तक आयात शुल्क लगता था. CETA लागू होने के बाद इन उत्पादों को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे भारतीय उत्पाद ब्रिटिश बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे.फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) उत्तर प्रदेश के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि यह समझौता भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा. उन्होंने कहा कि कानपुर देश के प्रमुख लेदर और टेक्सटाइल हब में शामिल है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा फायदा शहर के निर्यातकों को मिलेगा. नए बाजार खुलने से निर्यात बढ़ेगा, नए ऑर्डर आएंगे और स्थानीय उद्योगों को कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा.उन्होंने बताया कि समझौते के तहत केवल सामानों के निर्यात को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि 137 सेवा क्षेत्रों में भी भारतीय कंपनियों और पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ेंगे. साथ ही ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा अंशदान में भी राहत मिलेगी, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक लाभ होगा.
होर्मुज संकट के बीच कारोबारियों को मिली नई उम्मीद
आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि होर्मुज संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजारों तक पहुंच का मजबूत जरिया बनेगा. खासकर कानपुर के चमड़ा, फुटवियर, टेक्सटाइल और एमएसएमई क्षेत्र को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. उनका कहना है कि आने वाले समय में कानपुर से ब्रिटेन को होने वाले निर्यात में तेजी देखने को मिलेगी और शहर के उद्योगों को नई रफ्तार मिलेगी.निर्यातकों का मानना है कि भारत-यूके CETA सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि कानपुर जैसे औद्योगिक शहरों के लिए दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने का नया मौका है. इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शहर का निर्यात कारोबार नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा.
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