10 साल से मस्त चल रही थी नौकरी, जब खुली गुरुजी की पोल, तो उड़ गए सबके होश
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Farji Teacher News: फर्जी डॉक्यूमेंट पर सरकारी नौकरी का पर्दाफाश हुआ है. प्राथमिक विद्यालय में 2016 से तैनात असिस्टेंट टीचर सत्य प्रकाश मिश्र की फर्जी डिग्री की पोल खुलते ही शिक्षा महकमें में हड़कंप मच गया. ये मामला अमेठी का बताया जा रहा है. फर्जी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से हुए दस्तावेजों के सत्यापन में शिक्षक के शैक्षणिक अभिलेख पूरी तरह फर्जी पाए गए थे. अब उनसे 10 साल की सैलरी की रिकवरी की जाएगी.
नकली डॉक्यूमेंट पर नौकरी कर रहा था शख्स, 10 साल बाद पकड़ा गया.
Amethi Farji Teacher: उत्तर प्रदेश के अमेठी में फर्जी मार्कशीट से 10 साल नौकरी करने वाले नटवर लाल का भंडाफोड़ हुआ है. 10 साल से शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंककर नौकरी करने वाले शिक्षक के खिलाफ एक्शन की तैयारी है. अमेठी के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी ने जामो ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रानीपुर में तैनात असिस्टेंट टीचर सत्य प्रकाश मिश्र को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है. इसके साथ ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने और अब तक लिए गए समूचे वेतन की सरकारी वसूली (रिकवरी) के कड़े आदेश जारी किए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक सत्य प्रकाश मिश्र की नियुक्ति साल 2016 में सूबे में निकाली गई 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुई थी. नियुक्ति मिलने के बाद से ही उनके शैक्षणिक दस्तावेजों को लेकर विभाग को कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने शिक्षक के प्रमाणपत्रों और डिग्री का सत्यापन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से कराया. जब विश्वविद्यालय की ओर से अंतिम सत्यापन रिपोर्ट में उनकी डिग्री फर्जी बताई गई. शिक्षक द्वारा नौकरी पाते समय जमा किए गए दस्तावेज विश्वविद्यालय के मूल अभिलेखों से मेल ही नहीं खा रहे थे.
सत्य प्रकाश मिश्र
बीएसए के नोटिसों को किया नजरअंदाज
विश्वविद्यालय से फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद बीएसए कार्यालय ने आरोपी शिक्षक को अपनी बेगुनाही साबित करने के कई मौके दिए. विभाग की ओर से साल 2025 और 2026 के दौरान शिक्षक सत्य प्रकाश मिश्र को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. उन्हें अपने मूल शैक्षणिक डॉक्यूमेंट के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था, लेकिन शिक्षक ने न तो कोई प्रामाणिक दस्तावेज पेश किया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया.
वेतन रिकवरी और एफआईआर के सख्त निर्देश
शिक्षक के लगातार टालमटोल वाले रवैये और विश्वविद्यालय की पुख्ता रिपोर्ट के आधार पर बीएसए संजय तिवारी ने इस नियुक्ति को पूरी तरह अवैध और नियमों के विपरीत मानते हुए बर्खास्तगी का आदेश पत्र जारी कर दिया. बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जामो को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के संबंधित थाने में आरोपी सत्य प्रकाश मिश्र के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराएं. इसके साथ ही, पिछले एक दशक में शिक्षक को दिए गए वेतन और अन्य सभी सरकारी भत्तों के पैसों की पाई-पाई वसूलने के लिए रिकवरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें