12 को सोनम की सुहागरात, 20 को हनीमून, फिर… राजा मर्डर केस का पूरा किस्सा
मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. हनीमून मनाने मेघालय गए कपल की गुमशुदगी से शुरू हुआ यह मामला अब एक प्री प्लान्ड मर्डर और साजिश की सनसनीखेज दास्तान बन चुका है. 11 मई 2025 को हुई शादी के महज 12 दिन बाद राजा और सोनम का हनीमून एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में तब्दील हो गया.
आइए, इस हनीमून मर्डर मिस्ट्री की पूरी टाइमलाइन के साथ विस्तार से समझते हैं…
11 मई : इंदौर के सहकार नगर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की सोनम से अरेंज मैरिज हुई. परिवार के मुताबिक, यह शादी दोनों की रजामंदी से हुई थी. शुरुआत में हनीमून पर कश्मीर जाने का प्लान था, लेकिन सोनम ने फिर मेघालय जाने का फैसला किया. सोनम ने ही शिलॉन्ग के लिए फ्लाइट टिकट बुक की थी. शादी के बाद दोनों 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय रवाना हो गए.
22 मई : गुवाहाटी से शिलॉन्ग पहुंचने के बाद, राजा और सोनम मावलखियाट गांव के शिपारा होम स्टे में ठहरे. सीसीटीवी फुटेज में दोनों को स्कूटी पर होम स्टे पहुंचते देखा गया. सोनम ने रेनकोट और सफेद शर्ट पहनी थी. उन्होंने होटल में सामान रखा और फिर स्कूटी पर घूमने निकल गए. उसी दिन, उन्होंने नोंग्रियाट गांव में प्रसिद्ध डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखा. फुटेज में दोनों सामान्य और खुशहाल नजर आए.
24 मई : जब राजा और सोनम से संपर्क नहीं हुआ, तो राजा का भाई विपिन रघुवंशी शिलॉन्ग पहुंचा और ईस्ट सोहरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. परिवार ने गूगल सर्च के जरिए स्कूटी रेंटल एजेंसी की जानकारी निकाली, जिससे पता चला कि स्कूटी राजा ने किराए पर ली थी. सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन भारी बारिश ने इसे मुश्किल बना दिया.
28 मई : इंदौर के सांसद शंकर लालवानी शिलॉन्ग पहुंचे और मेघालय के डीजीपी इदाशीशा नोंगरांग से मुलाकात की. उन्होंने पहले मेघालय के मुख्यमंत्री से भी चर्चा की थी. सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए.
2 जून : 11 दिन बाद राजा रघुवंशी का शव नोंग्रियाट गांव से 20 किलोमीटर दूर वेई सॉडोंग झरने के पास 100 फीट गहरी खाई में मिला. शव की पहचान उनके दाहिने हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू और वाटरप्रूफ स्मार्टवॉच से हुई. शव के पास एक महिला की सफेद शर्ट, पेंट्रा की 40 गोलियों की स्ट्रिप, टूटी मोबाइल स्क्रीन, और एक खून से सना दाव (पेड़ काटने वाला धारदार हथियार) बरामद हुआ. मेघालय पुलिस ने इसे हत्या का मामला दर्ज किया.
4-6 जून : राजा के परिवार ने इंदौर में पोस्टर लगाए, जिसमें लिखा था, ‘मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया. सीबीआई जांच हो.’ परिवार ने मेघालय पुलिस पर शुरुआती लापरवाही का आरोप लगाया. विपिन रघुवंशी ने दावा किया कि राजा उनके सपने में आया और हत्या की बात बताई. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया.
8 जून : मावलखियाट के टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी ने पुलिस को बताया कि 23 मई को उसने राजा और सोनम को तीन अज्ञात पुरुषों के साथ देखा, जो हिंदी में बात कर रहे थे. गाइड ने कहा कि उसने 22 मई को दंपति को नोंग्रियाट ले जाने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने भा-वान्साई नामक गाइड को चुना. इस गवाही ने मामले को नया मोड़ दिया.
10 जून : गाजीपुर कोर्ट ने सोनम को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस को सौंपा, जबकि चार अन्य आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर भेजा गया. मेघालय पुलिस सोनम को शिलॉन्ग ले जा रही है, जहां क्राइम सीन रीक्रिएट किया जाएगा. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दाव, राजा का क्षतिग्रस्त मोबाइल, और स्मार्टवॉच बरामद की. राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोनम के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि सोनम के पिता ने उसे निर्दोष बताया. परिवार और रघुवंशी समाज ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई.
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है. सोनम के आत्मसमर्पण और चार आरोपियों की गिरफ्तारी ने इस मामले को एक प्रेम प्रसंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की कहानी में बदल दिया. सीसीटीवी फुटेज, गाइड की गवाही, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने साजिश की कई परतें उजागर की हैं, लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं क्या सोनम वाकई मास्टरमाइंड थी? क्या संपत्ति विवाद भी हत्या का कारण था? मेघालय पुलिस की जांच और संभावित सीबीआई जांच से इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है.