1600KM की लंबी आफत! IMD का अलर्ट- 17 राज्यों में मौसम का तांडव

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1600KM की लंबी आफत! IMD का अलर्ट- 17 राज्यों में मौसम का तांडव


Aaj Ka Mausam Live: देश में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसे देखकर मौसम वैज्ञानिक भी लगातार निगरानी कर रहे हैं. आमतौर पर प्री-मानसून सीजन में आंधी और बारिश की घटनाएं होती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. मौसम विभाग (IMD) के INSAT-3DS सैटेलाइट ने 1600 किलोमीटर लंबी एक विशाल थंडरस्टॉर्म बेल्ट रिकॉर्ड की है, जो राजस्थान से लेकर मध्य भारत होते हुए तेलंगाना तक फैली हुई दिखाई दी. यह सिर्फ बादलों की एक पट्टी नहीं है, बल्कि एक ऐसे वेदर सिस्टम का संकेत है जो देश के बड़े हिस्से को एक साथ प्रभावित कर सकता है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है. कहीं तेज बारिश होगी, कहीं आंधी 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है. ऐसे में मौसम का यह तांडव केवल गर्मी से राहत की खबर नहीं है, बल्कि सतर्क रहने का भी बड़ा संदेश है.

मौसम विभाग के अनुसार देश के करीब 70 से 80 फीसदी हिस्से में किसी न किसी रूप में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं. इसके पीछे कई मौसमी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं. उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, मध्य पाकिस्तान और दक्षिण गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. यही कारण है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक मौसम का एक विशाल नेटवर्क बन गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्म सतह, पर्याप्त नमी और ऊपरी स्तर की अनुकूल हवाओं ने वातावरण को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है. इसका नतीजा आने वाले 48 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और वज्रपात के रूप में सामने आ सकता है.
IMD ने 17 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. (PTI)
  • IMD द्वारा जारी ताजा चेतावनी में 17 राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खास बात यह है कि इस बार केवल मैदानी राज्य ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का खतरा बढ़ गया है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना इस बात का संकेत है कि स्थिति को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है. हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है.
  • सैटेलाइट तस्वीरों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों पर घने बादलों का बड़ा समूह दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि यह बादल केवल सामान्य वर्षा नहीं देंगे, बल्कि कई जगहों पर तेज तूफान, बिजली और भारी बारिश का कारण बन सकते हैं. ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम का मिजाज

दिल्ली-एनसीआर में 2 जून को मौसम अचानक करवट ले सकता है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और अचानक तेज हवा चलने का खतरा बना रहेगा.

झारखंड के कई जिलों में 2 और 3 जून को मौसम बेहद सक्रिय रहेगा. (PTI)

उत्तर प्रदेश में तूफानी हवाओं का खतरा

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है. सहारनपुर, मेरठ, आगरा, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

बिहार में बारिश और वज्रपात का डबल खतरा

बिहार के पटना, गया, रोहतास, नवादा, जमुई, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. यहां 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात को लेकर चेतावनी दी है. ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

झारखंड में 75 KMPH तक चलेगा तूफान

रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग, गुमला और खूंटी समेत कई जिलों में 2 और 3 जून को मौसम बेहद सक्रिय रहेगा. यहां 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है. मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले दो दिन विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.

पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ तेज बारिश

दक्षिण गंगा के मैदानी क्षेत्रों पर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर पश्चिम बंगाल पर भी दिखाई देगा. कोलकाता समेत कई जिलों में गरज-चमक, तेज बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. उत्तर बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भी भारी वर्षा हो सकती है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.

राजस्थान में रेगिस्तान पर बरसेंगे बादल

राजस्थान के श्रीगंगानगर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, अलवर, अजमेर और चित्तौड़गढ़ में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. भीषण गर्मी झेल रहे राज्य को राहत तो मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और धूलभरी आंधी परेशानी भी बढ़ा सकती हैं.

मध्य प्रदेश में सक्रिय होगा बारिश का बड़ा सिस्टम

मध्य प्रदेश के विदिशा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, बेतूल, देवास, उज्जैन और धार समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. भोपाल में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

पंजाब-हरियाणा में मौसम का यू-टर्न

  • पंजाब के फिरोजपुर, अमृतसर, बठिंडा, लुधियाना और पठानकोट में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कई स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है.
  • हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम तेजी से बदल सकता है. गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने लोगों को बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है.

पहाड़ का मौसम

  • उत्तराखंड के नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई है.
  • शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मनाली का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बढ़ गया है.
  • जम्मू, कठुआ, पुंछ, राजौरी, अनंतनाग और कुपवाड़ा में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. पर्यटकों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर राज्यों में तूफानी सिस्टम का असर

असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मेघालय में भारी बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं. अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा.

दक्षिण भारत में मानसून से पहले बारिश का जोर

केरल, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में समुद्र बेहद उग्र रह सकता है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं.

1600 किलोमीटर लंबी थंडरस्टॉर्म बेल्ट क्या है?

यह विशाल बादल और तूफानी गतिविधियों की एक लंबी श्रृंखला है, जिसे IMD के INSAT-3DS सैटेलाइट ने रिकॉर्ड किया है. यह राजस्थान से लेकर तेलंगाना तक फैली हुई है और इसके कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का सबसे अधिक खतरा बताया गया है.

क्या चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है?

हां, उत्तराखंड में खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है. प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रख रहा है.

क्या यह मानसून की शुरुआत का संकेत है?

यह पूरी तरह मानसून नहीं है, बल्कि प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है. हालांकि दक्षिण भारत में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल बन रही हैं.

लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें. अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थान पर रहें.



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