60KM हवाएं, दिल्ली-उत्तराखंड से लेकर बिहार तक 12 राज्यों में आफत! IMD अलर्ट

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60KM हवाएं, दिल्ली-उत्तराखंड से लेकर बिहार तक 12 राज्यों में आफत! IMD अलर्ट


Today Weather Live: देशभर में मानसून अब फिर से अपना रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है. 6 अगस्त से मौसम का मिजाज कई राज्यों में अचानक बिगड़ सकता है. दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश के साथ तेज हवाएं परेशान कर सकती हैं. कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. यानी मौसम सुहाना जरूर लगेगा, लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. मौसम विभाग यानी IMD ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी है. पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा है. मैदानी इलाकों में जलभराव की मुश्किल बढ़ सकती है. ऐसे में 6 अगस्त को सफर का प्लान है तो मौसम अपडेट देखे बिना निकलना समझदारी नहीं होगी.

मौसम विभाग के मुताबिक, ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय मानसूनी टर्फ की वजह से उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. वहीं बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश परेशानी बढ़ा सकती है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी आंधी और तेज हवाओं का असर दिख सकता है.

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पहाड़ी सड़कों के बाधित होने का खतरा है.

मानसून टर्फ और चक्रवाती सिस्टम बढ़ाएंगे बारिश का असर

  • 6 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के सीमांचल, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और हिमाचल के पर्वतीय जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. लोगों को मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
  • मौसम में इस बदलाव के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा मानसूनी टर्फ भी सक्रिय बनी हुई है. इन सिस्टम के कारण बादलों का निर्माण तेजी से हो सकता है. नतीजा यह होगा कि कई राज्यों में एक ही दिन में मौसम कई बार करवट ले सकता है. कहीं तेज बारिश होगी तो कहीं अचानक आंधी चल सकती है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का असर नदियों और नालों के जलस्तर पर भी पड़ सकता है.

दिल्ली-NCR में बारिश के साथ तेज हवाओं से बदलेगा मौसम

दिल्ली-NCR में 6 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहने और कई दौर में बारिश होने की संभावना है. गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बारिश के बाद राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है. सुबह और शाम के समय ट्रैफिक पर भी इसका असर पड़ सकता है. लोगों को खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है. बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होगी.

यूपी में पश्चिम से पूर्व तक बारिश-आंधी का दौर

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, कानपुर, लखनऊ, अमेठी, वाराणसी, प्रयागराज, बहराइच और कुशीनगर समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी यूपी में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

बिहार में सीमांचल पर मूसलाधार बारिश का खतरा

बिहार में 6 अगस्त को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. सीमांचल और उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, मधुबनी और पटना समेत कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है. बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी रहेगा. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भर सकता है. नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होगा. लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए.

झारखंड में बारिश के साथ बिजली गिरने की बढ़ेगी चिंता

झारखंड के उत्तरी और मध्य जिलों में 6 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. वज्रपात की स्थिति में लोगों को खास सावधानी बरतनी होगी. ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है. लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है.

राजस्थान में बारिश के साथ 60KM की हवाओं का असर

राजस्थान में मानसून का असर पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में ज्यादा दिखाई दे सकता है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं. बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोगों को भी आंधी के दौरान खुले में जाने से बचना चाहिए.

मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी से बढ़ेगी परेशानी

मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में 6 अगस्त को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है. तेज आंधी के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा.

पंजाब-हरियाणा में मानसून के साथ आंधी का जोर

  • पंजाब में होशियारपुर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है. किसानों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. खासकर बिजली चमकने के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है. बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव भी हो सकता है.
  • हरियाणा में भी मानसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है. तेज हवाओं के कारण सड़कों पर पेड़ या शाखाएं गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, कैथल और कुरुक्षेत्र जैसे इलाकों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा. आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा.
पंजाब में होशियारपुर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.

पहाड़ों में भारी बारिश और भूस्खलन

  • उत्तराखंड में 6 अगस्त को भारी बारिश का असर पर्वतीय इलाकों में ज्यादा दिखाई दे सकता है. देहरादून, नैनीताल, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक सड़कें बंद होने का खतरा बना रहेगा. नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. यात्रियों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक पहाड़ी सफर से बचने की सलाह दी जाती है.
  • हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, चंबा, शिमला और हमीरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है. बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और मलबा आने की स्थिति बन सकती है. तेज बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाना जोखिम भरा हो सकता है. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए. खासकर पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय बेहद सावधानी बरतनी होगी.
  • जम्मू-कश्मीर में जम्मू, श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, डोडा और किश्तवाड़ में बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना रहती है. ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए. निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा.

पूर्वोत्तर में बारिश से नदियों का बढ़ सकता है जलस्तर

पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर जारी रहने की संभावना है. असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है. पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है. लगातार बारिश से कुछ इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. जहां पहले से जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति है, वहां मुश्किल और बढ़ सकती है. लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

दक्षिण भारत में सक्रिय रहेगा मानसून, तमिलनाडु में भी अलर्ट

  • दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. समुद्री इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की स्थिति बन सकती है. ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वालों और मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
  • तमिलनाडु में उत्तरी तटीय हिस्सों के निचले वायुमंडलीय स्तरों में कमजोर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. तिरुवनमलाई, विलुपुरम, कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश हो सकती है. आंधी के दौरान लोगों को खुले इलाकों में जाने से बचना चाहिए.

6 अगस्त को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?

IMD के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. बिहार के सीमांचल और पहाड़ी राज्यों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का असर ज्यादा हो सकता है.

60 से 70 KM की तेज हवाओं का अलर्ट कहां है?

कई राज्यों में तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अलग-अलग राज्यों में हवा की गति अलग रह सकती है. आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे नुकसान की चपेट में आ सकते हैं. इसलिए खुले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है.

पहाड़ी राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा किस बात का है?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पहाड़ी सड़कों के बाधित होने का खतरा है. जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में भी बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है. ऐसे में पहाड़ी यात्रा पर जाने वालों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही यात्रा करनी चाहिए.



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