80KM की रफ्तार से कहर! 19 राज्यों में बारिश-आंधी को लेकर IMD चेतावनी

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80KM की रफ्तार से कहर! 19 राज्यों में बारिश-आंधी को लेकर IMD चेतावनी


Today Weather Live: देश में मानसून की एंट्री हमेशा राहत लेकर आती है. लोग तपती गर्मी से छुटकारा मिलने की उम्मीद करते हैं. लेकिन इस बार मानसून अपने साथ सिर्फ ठंडी फुहारें नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी भी लेकर आया है. मौसम विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि अगले 24 से 72 घंटों के दौरान देश के 19 राज्यों में मौसम अचानक खतरनाक रूप ले सकता है. कहीं 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी तो कहीं बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा. खास बात यह है कि पूर्वी भारत से लेकर उत्तर भारत और दक्षिण भारत तक मौसम का यह तांडव एक साथ देखने को मिल सकता है. पहाड़ी राज्यों में जाने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. यही वजह है कि बारिश का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में लोगों को सिर्फ छाता और रेनकोट निकालने की जरूरत नहीं है, बल्कि मौसम की हर चेतावनी को गंभीरता से लेने की भी जरूरत है.

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को आधिकारिक तौर पर केरल में दस्तक दे दी है और इसके साथ ही देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है. IMD के मुताबिक अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ेगा. इसका असर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने कहा है कि कई जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होगी. वहीं तेज हवाओं की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में बड़े ओले गिरने की चेतावनी भी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से यह स्थिति बनी है. यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में अचानक मौसम खतरनाक हो सकता है. लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं.
  • देशभर में सक्रिय मौसम प्रणालियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है. उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. मध्य उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिण तेलंगाना के ऊपर भी अलग-अलग मौसम सिस्टम सक्रिय हैं. अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन रही है. मौसम विभाग का मानना है कि अगले 5 से 7 दिनों तक यह सक्रियता बनी रह सकती है.
  • IMD के अनुसार मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं. आने वाले दिनों में यह महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बिजली गिरने और तेज तूफान की घटनाएं बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है.

दिल्ली-NCR में बारिश के साथ तेज आंधी का खतरा

दिल्ली-NCR में 5 जून को मौसम अचानक करवट ले सकता है. मौसम विभाग ने राजधानी में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कई इलाकों में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें. अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

यूपी में 80KM की तूफानी हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम बेहद खतरनाक हो सकता है. मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, लखनऊ, कानपुर, बिजनौर, बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में बिजली गिरने की भी संभावना है. IMD ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है.

बिहार में गरज-चमक और वज्रपात का डबल अलर्ट

बिहार में 5 और 6 जून को मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलेगा. पटना, गया, बक्सर, सिवान, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर भी चेतावनी दी है. लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

झारखंड में ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी

झारखंड में 5 से 7 जून के बीच तेज बारिश और आंधी की संभावना है. रांची, धनबाद, दुमका, गिरिडीह और बोकारो समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ जिलों में ओलावृष्टि का भी खतरा जताया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है?
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है.

पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से बढ़ेगी परेशानी

पश्चिम बंगाल के अलीपुर द्वार, जलपाईगुड़ी, मालदा, कूचबिहार और मुर्शिदाबाद में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कोलकाता समेत कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है. उप-हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है.

महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार होगी तेज

महाराष्ट्र में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है. कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 5 से 8 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि कोंकण और गोवा क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है. तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मुंबई और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है.

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर

राजस्थान के जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, नागौर, भरतपुर और करौली समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम तेजी से बदलेगा. कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. धूल भरी आंधी से भी लोगों को परेशानी हो सकती है.

मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश

भोपाल, इंदौर, विदिशा, रायसेन, मंदसौर और कटनी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं. किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

पंजाब-हरियाणा में मौसम अचानक होगा खतरनाक

  • पंजाब और हरियाणा में 5 से 6 जून के बीच तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा. अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर और संगरूर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
  • हरियाणा के कई हिस्सों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें. खेतों और खुले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया है.

पहाड़ों पर खतरा

  • उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में बड़े ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है.
  • हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, मंडी और कुल्लू में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि कई इलाकों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है. पर्यटकों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
  • जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, बारामूला, डोडा और पुंछ में भारी बारिश और आंधी की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है. श्रीनगर में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है.

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का रेड जोन

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले 5 से 6 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, जोरहाट और कोकराझार समेत कई जिलों में तेज तूफान और बिजली गिरने का खतरा है. मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.

इस बार मानसून के साथ कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं.

दक्षिण भारत में मानसून का जोरदार असर

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. केरल के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. तमिलनाडु और कर्नाटक में भी भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है.

इस बार मानसून इतना खतरनाक क्यों माना जा रहा है?

इस बार मानसून के साथ कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर से नमी और बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के कारण तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है. यही वजह है कि कई राज्यों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है?

IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है. यहां भारी बारिश, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज तूफान की संभावना जताई गई है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा बढ़ गया है.

लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करें. पहाड़ी इलाकों की यात्रा टालें. मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें.

क्या मानसून अब तेजी से आगे बढ़ेगा?

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं. अगले कुछ दिनों में यह महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों तक तेजी से पहुंच सकता है.

किसानों के लिए यह मौसम कितना अहम है?

भारत की लगभग आधी खेती बारिश पर निर्भर है. ऐसे में मानसून किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. अच्छी बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा, लेकिन तेज तूफान और ओलावृष्टि से नुकसान भी हो सकता है. इसलिए किसानों को मौसम का अपडेट देखकर ही खेतों में काम करने की सलाह दी गई है.



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