5 लाख का AI वाला गद्दा, बचाएगा मरीजों की जिंदगी, वायटल्स इधर-उधर हुए तो डॉक्टरों को जाएगा मैसेज और दौड़े आएंगे
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Kanpur News: कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए एआई आधारित स्मार्ट मैट्रेस लगाए जाएंगे. मरीज की तबीयत बिगड़ते ही डॉक्टर और नर्स को अलार्म भेजेगा.
अब कोड ब्लू नहीं, सीधा अलार्म से अलर्ट
उदाहरण के तौर पर अगर मरीज की हार्ट बीट अचानक 150 तक पहुंच जाती है तो उसी समय एक बीप की आवाज के साथ स्क्रीन पर अलर्ट आ जाएगा. इससे तुरंत डॉक्टर मरीज तक पहुंच जाएंगे.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि फिलहाल 10 स्मार्ट मैट्रेस लगाने की तैयारी की जा रही है. इनकी कीमत औसतन लगभग 5 लाख रुपये प्रति मैट्रेस है. यह मशीनें, सीएसआर फंड से कॉलेज को मिलेंगी. डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल शुरुआत 10 मैट्रेस से की जाएगी और आगे चलकर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी. यह प्रदेश का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा, जहां इतनी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा.
डॉ. काला ने बताया कि जब कोई गंभीर मरीज भर्ती होता है तो उसकी तबीयत धीरे-धीरे अंदर ही अंदर बिगड़ती है. ऐसे मरीजों की देखभाल लगातार 24 घंटे करनी पड़ती है.अभी तक बिना मशीनों के डॉक्टर और नर्स आपसी सहयोग से काम करते रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मैट्रेस आने के बाद मरीज की निगरानी और आसान हो जाएगी.जैसे ही तबीयत बिगड़ेगी, मशीन तुरंत डॉक्टर को सूचित करेगी. इससे इलाज में देरी नहीं होगी और मृत्यु दर कम की जा सकेगी.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पूरे बुंदेलखंड और आसपास के करीब 18 जिलों का सबसे बड़ा मेडिकल संस्थान है. यहां रोज हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. स्मार्ट मैट्रेस लगने के बाद अब यहां आने वाले मरीजों को आधुनिक और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी. डॉक्टरों का मानना है कि इस कदम से मरीजों की जान बचाने की संभावना और ज्यादा बढ़ जाएगी.