‘दीवारों से झड़ा सीमेंट..दरवाजे, खिड़कियां टूटी’, आगरा का शिक्षा भवन है या खंडहर, बैठने से भी कांपते है सरकारी कर्मचारी
दरवाजे, खिड़कियां टूट चुकी हैं, और प्लास्टर टुकड़ों में गिर रहा है. यह भवन कभी भी गिर सकता है ऐसा डर हर कर्मचारी के मन में है. काफी हैरानी की बात यह है कि किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की नजर इस ओर नहीं है. बता दें, यह आगरा का शिक्षा भवन है, जो एक बड़े हादसे को न्योता देता दिखाई दे रहा है.
शिक्षा भवन में पहले यह जॉइंट डायरेक्टर का कार्यालय भी हुआ करता था, लेकिन भवन की खराब हालत के चलते उन्होंने अब अपना कार्यालय बीएसए (BSA) कार्यालय परिसर में शिफ्ट कर लिया है. एक कर्मचारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि “इस भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब अधिकारी यहां बैठने से भी कतराते हैं.”
दस्तावेज और स्टाफ खतरे में
भवन में शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और कर्मचारी अब भी मौजूद हैं. उनके लिए यह भवन एक ‘साइलेंट खतरा’ बन चुका है, जहां हर दिन वे डर के माहौल में काम करते हैं. सवाल उठता है कि जब सबको इस भवन की जर्जर स्थिति का अंदाजा है, तो मरम्मत का कार्य अब तक क्यों नहीं शुरू किया गया?
शिक्षा भवन का मुख्य गेट और चारदीवारी भी टूटी हुई है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से भवन परिसर में प्रवेश कर सकता है. यह सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ा खतरा है. भवन की दीवारें जैसे खुद ही मदद की गुहार लगा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजरें अब तक इस ओर नहीं गई हैं.
गंदगी और जलभराव बना नई परेशानी
भवन के बाहर भारी कीचड़ और गंदगी का आलम है. थोड़ी सी बारिश में ही मुख्य गेट के पास दलदल जैसी स्थिति बन जाती है. रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है. जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.
इन दिनों आगरा में लगातार बारिश हो रही है, जिससे शिक्षा भवन की हालत और भी बिगड़ती जा रही है. यदि जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी दिन एक बड़ा हादसा हो सकता है.
जिम्मेदार कौन?
यह सवाल अब सभी के मन में है कि आखिर इस जर्जर भवन की मरम्मत के लिए अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया? वर्षों से कई अधिकारी आए और चले गए, लेकिन शिक्षा विभाग के इस अहम भवन की हालत सुधारने की पहल किसी ने नहीं की.