Farming Tips: 90 दिन में कमाएं मोटा मुनाफा! आलू की खेती का सीक्रेट फॉर्मूला जो कम समय में बना देगा मालामाल
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Aalu ki Kheti: आलू की खेती किसानों के लिए सबसे भरोसेमंद नकदी फसल मानी जाती है. सही किस्म, उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल मौसम का ध्यान रखकर किसान कम समय में अच्छी उपज और मुनाफा कमा सकते हैं. इस खबर में हम आपको बताएंगे …और पढ़ें
आलू की बुवाई कब और कैसे करें?
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक बताते हैं कि शाहजहांपुर की मिट्टी और जलवायु आलू की फसल उगाने के लिए बेहद अनुकूल है. यहां करीब 14 से 15 हजार हेक्टेयर में हर साल आलू की खेती होती है. पुवायां क्षेत्र के किसान तो आलू की खेती से मोटा मुनाफा कमाने के लिए जाने जाते हैं. शाहजहांपुर का आलू न केवल गुणवत्ता में अच्छा होता है बल्कि इसकी मांग दूसरे राज्यों में भी बनी रहती है.
आलू की कई ऐसी किस्में हैं जो 70 से 90 दिन में हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो जाती हैं. खेत की अच्छी तैयारी और सही किस्म का चुनाव बंपर उत्पादन की कुंजी है. किसान सितंबर महीने में इसकी बुवाई कर सकते हैं.
डॉ पाठक बताते हैं कि आलू की फसल के लिए 15 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है. खासकर रात का तापमान अगर 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास हो तो आलू का कंद अच्छा बनता है. हालांकि आलू लगभग हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन भारी और चिकनी मिट्टी में आलू की क्वालिटी पर असर पड़ता है. इससे कंद छोटे रह जाते हैं, उत्पादन घटता है और बाजार में किसानों को अच्छी कीमत नहीं मिलती है.
मिट्टी और pH स्तर पर ध्यान दें
आलू की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी रेतीली या रेतीली दोमट होती है. मिट्टी का pH 7 से 7.5 तक होना चाहिए. खेत की जल निकासी व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए क्योंकि अगर खेत में पानी भर गया तो फसल को नुकसान हो सकता है.
पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.
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