गाजियाबाद की शान, ये 5 हस्तियां हैं शहर के ‘रियल हीरो’, जानिए इनकी कहानी
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गाजियाबाद के उन प्रसिद्ध व्यक्तित्वों से मिलिए जिन्होंने अपने काम और योगदान से शहर का नाम रोशन किया है. सांसद अतुल गर्ग शहर के विकास के लिए जाने जाते हैं, जबकि 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर चक्र विजेता कर्नल टी.पी. त्यागी आज भी समाज सेवा में सक्रिय हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने खेल के मैदान पर गाजियाबाद की पहचान बढ़ाई. वहीं, पर्यावरणविद् विजयपाल बघेल और महिला उद्यमी मंजू कश्यप ने क्रमशः पर्यावरण संरक्षण और खेती में मिसाल कायम की है.
गाजियाबाद से लोकसभा सांसद अतुल गर्ग का जन्म 26 अगस्त 1957 को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था. उनके पिता दिनेेश चंद्र गर्ग गाजियाबाद के पहले मेयर थे. 2017 में, भाजपा के टिकट पर उन्होंने गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बने. 2022 के विधानसभा चुनाव में अतुल गर्ग फिर से उसी विधानसभा सीट से विधायक बने. फिर 2024 में, वे पहली बार लोकसभा सांसद बने और अब गाजियाबाद के सांसद के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं.

गाजियाबाद के कर्नल टी.पी. त्यागी भारतीय सेना के उन वीर अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपनी बहादुरी का पराक्रम दिखाया. युद्ध में प्रदर्शित अदम्य साहस, नेतृत्व और देशभक्ति के लिए उन्हें वीर चक्र जैसे बड़े सैन्य सम्मान से सम्मानित किया गया. उनकी उपलब्धियों ने उन्हें सेना और नागरिक समाज, दोनों में एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाया. सेना से सेवानिवृत्ति के बाद कर्नल त्यागी ने गाजियाबाद को अपनी कर्मभूमि बनाया और अब RWA अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं. वे कॉलोनियों की सुरक्षा, साफ-सफाई, पार्कों के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं. कर्नल त्यागी आज भी अनुशासन, समर्पण और सामाजिक नेतृत्व की मिसाल बने हुए हैं.

सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं. उनका जन्म 27 नवंबर 1986 को गाजियाबाद के मुरादनगर में हुआ. यहीं से उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की और कम उम्र में ही यूपी की टीम में जगह बनाई. रैना टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेले और टी-20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने. वे विश्व कप 2011 की विजेता भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे. गाजियाबाद से उनका विशेष लगाव है और वे अक्सर यहां के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं. मेहनत, फिटनेस और आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए सुरेश रैना आज भी युवाओं के रोल मॉडल हैं.
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गाजियाबाद के पर्यावरणविद् विजयपाल सिंह बघेल, जिन्हें लोग ‘ग्रीन मैन’ कहते हैं, लाखों पेड़ों को बचाने और लाखों पौधे लगाने के लिए प्रसिद्ध हैं. उन्होंने करीब 10 लाख से अधिक पेड़ों को कटने से बचाया है. उनके इस कार्य की सराहना भारत सरकार और जनता ने की है. 2020 में उनके नाम से डाक टिकट भी जारी हुआ और उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए. बघेल ने गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के मार्ग बदलवाकर पेड़ों को संरक्षित किया और देश-विदेश के पर्यावरण कार्यक्रमों में भी भाग लिया. हरे कपड़े पहनने के कारण उनकी अलग पहचान है और वे लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं.

गाजियाबाद के दुहाई गांव की मंजू कश्यप आज महिला आत्मनिर्भरता की एक बड़ी मिसाल बन चुकी हैं. इंडस्ट्रियल एरिया के बीच उन्होंने तालाब बनाकर मछली पालन और सिंघाड़े की एकीकृत खेती शुरू की, जिससे वह सालाना लाखों रुपये कमा रही हैं. इसी वजह से लोग उन्हें ‘फार्म लेडी’ के नाम से भी जानते हैं. उनके नवाचार और मेहनत को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी पहल और जज़्बे की सराहना की थी. मंजू कश्यप उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो अपनी मेहनत से नई शुरुआत करना चाहती हैं.