चित्रकूट की काली घाटी अब होगी सुरक्षित, सड़क हादसों पर लगेगी रोक

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चित्रकूट की काली घाटी अब होगी सुरक्षित, सड़क हादसों पर लगेगी रोक


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Ground Report Chitrakoot: चित्रकूट की काली घाटी में हो रहे सड़क हादसों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है. काली घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष अभियान चलाया गया है. आइए जानते हैं कि यहां क्या कुछ खास होने वाला है.

चित्रकूट: बुंदेलखंड की पहाड़ियों के बीच स्थित काली घाटी लंबे समय से सड़क हादसों के लिए बदनाम रही है. यहां हर हफ्ते कई छोटे-बड़े एक्सीडेंट होना आम बात थी. तीखे मोड़, संकरी सड़क और तेज रफ्तार वाहन इस घाटी को हादसों का हॉटस्पॉट बना चुका था, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता और ठोस कदमों के चलते हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं.

लोकल 18 की टीम चित्रकूट की काली घाटी पहुंची, जहां सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रशासन ने काली घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया है. कर्वी-मानिकपुर मार्ग पर स्थित इस घाटी में कई अहम सुधार कार्य किए गए हैं, सबसे पहले उस खतरनाक मोड़ के पास सड़क का चौड़ीकरण कराया गया, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती थीं. पहले जहां दो बड़े वाहनों का आमना-सामना मुश्किल हो जाता था, वही अब सड़क चौड़ी होने से आवागमन काफी सहज हो गया है.

मजबूत बाउंड्री वॉल सुरक्षा दीवार का निर्माण
इसके साथ ही घाटी के उस हिस्से में जहां सड़क के किनारे गहरी खाई है, मजबूत बाउंड्री वॉल सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया है, ताकि किसी कारणवश वाहन अनियंत्रित हो जाए, तो वह सीधे खाई में गिरने के बजाय दीवार से टकराकर रुक जाए. इसके साथ ही घाटी में जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, ताकि वाहन चालक अपनी गति नियंत्रित रखें, ताकि वह सड़क हादसों से बच सके.

सड़क हादसों की ये रही वजह
वही इस संबंध में कमल यादव ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आज से लगभग एक महीने पहले तक यहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते थे. उसका सबसे बड़ा कारण तीखी मोड़ के पास सड़क शकरी होने के कारण आए दिन ट्रक पलटते थे. अभी हाल ही में लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए रोड को चौड़ी किया गया.

इसके साथ स्पीड ब्रेकर जगह-जगह बनवाए गए और मोड़ के सांकेतिक बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिसके बाद से हाथों में कमी आई है और लगातार इस काली घाटी में सड़क हादसे को रोकने के लिए कार्य किया जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाएं ना होने पाए.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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