किसान भाई! गेहूं कटाई के साथ करें ये काम, अगली फसल के लिए फ्री में मिलेगा बीज

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किसान भाई! गेहूं कटाई के साथ करें ये काम, अगली फसल के लिए फ्री में मिलेगा बीज


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किसान भाई! गेहूं कटाई के साथ करें ये काम, अगली फसल के लिए फ्री में मिलेगा बीज

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Agriculture News: खेती में लगातार बढ़ती लागत से परेशान किसानों के लिए राहत की खबर है. गेहूं की कटाई के इस सीजन में किसान खुद वैज्ञानिक तरीके अपनाकर घर पर ही बीज तैयार कर सकते हैं, जिससे बाजार से महंगे बीज खरीदने की मजबूरी खत्म हो जाएगी. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी सावधानी और सही ग्रेडिंग के जरिए किसान न केवल हजारों रुपयों की बचत कर सकते हैं, बल्कि अपनी पैदावार की गुणवत्ता में भी सुधार कर सकते हैं. जानिए कैसे आप अपने ही खेत को सीड बैंक में बदलकर खेती के बजट को जीरो कर सकते हैं.

शाहजहांपुर: खेती में बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, खासकर बीज खरीदने में होने वाला भारी खर्च खेती का बजट बिगड़ देता है. अक्सर सरकारी केंद्रों पर बीज की किल्लत की वजह से किसानों को ऊंचे दामों पर निजी कंपनियों से बीज खरीदना मज़बूरी बन जाता है. इस समस्या का समाधान अब किसान अपने ही खेतों से कर सकते हैं. गेहूं की कटाई के मौजूदा सीज़न में किसान थोड़ी सी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर खुद का ‘घर का बीज’ तैयार कर सकते हैं. इससे न केवल बीज पर होने वाला खर्च शून्य हो जाएगा, बल्कि गुणवत्ता और पैदावार में भी सुधार होगा.

कृषि एक्सपर्ट डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि किसानों को अगले सीज़न के लिए बाज़ार पर निर्भर रहने के बजाय अपने सर्वोत्तम खेत का चयन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि कटाई से पहले खेत से अन्य प्रजातियों के पौधों और ‘गुल्ली डंडा’ जैसे खरपतवारों को चुनकर निकाल देना चाहिए, जिनकी बालियां गेहूं से ऊंची होती हैं. उपज की ग्रेडिंग करना बेहद ज़रूरी है. स्टोर करने से पहले सुडौल और स्वस्थ दानों को छांट लें. स्टोरेज के लिए नीम की पत्तियों या भूसे का उपयोग कर कीटों से बचाव किया जा सकता है, जिससे बुवाई के समय उच्च गुणवत्ता वाला बीज उपलब्ध रहे.

खेत में ही करें बीजों का चयन
बीज तैयार करने की प्रक्रिया खेत से ही शुरू हो जाती है. जिस क्षेत्र से बीज लेना हो, वहां कटाई से पहले बारीकी से निरीक्षण करें. अक्सर खेत में दूसरी प्रजाति के कुछ पौधे उग आते हैं जिनकी लंबाई या बालियों की बनावट अलग होती है. ऐसे पौधों को जड़ से उखाड़कर अलग कर देना चाहिए ताकि बीज की शुद्धता बनी रहे. अगर गेहूं के साथ जंगली जई या गेहूं का मामा यानि गुल्ली डंडा खरपतवार हैं, तो उन्हें भी पूरी तरह हटा दें, जिससे अगले साल खरपतवार की समस्या न हो.

वैज्ञानिक तरीके से भंडारण और सफाई
फसल कटने के बाद बीजों की अच्छी तरह सफाई और छनाई करना जरूरी है. कटे-फटे, सिकुड़े और पतले बीजों को छलनी की मदद से अलग कर दें. केवल स्वस्थ और पुष्ट दानों का ही चुनाव करें. स्टोरेज के समय ध्यान रहे कि नमी 10-12% से अधिक न हो. बीजों को सुरक्षित रखने के लिए देशी तरीके जैसे नीम की सूखी पत्तियां या लहसुन की कलियां मिलाई जा सकती हैं. यह तरीका बीजों को घुन और अन्य कीटों से बचाकर उनकी अंकुरण क्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.

लागत में आएगी कमी, निर्भरता भी होगी कम 
बाज़ार से मिलने वाले प्रमाणित बीजों की कीमतें हर साल बढ़ रही हैं, जिससे किसानों का मुनाफ़ा कम होता जा रहा है. खुद का बीज तैयार करने से प्रति एकड़ हज़ारों रुपयों की बचत होती है. साथ ही, किसान को अपने बीज की गुणवत्ता और शुद्धता पर पूरा भरोसा होता है. जब किसान खुद बीज बैंक विकसित करता है, तो उसे बुवाई के समय सहकारी समितियों या प्राइवेट दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. यह न केवल आर्थिक बचत है, बल्कि समय पर बुवाई सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम भी है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें



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