कश्मीर से बंगाल तक अगले 48 घंटे खतरनाक, IMD ने किया आगाह

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कश्मीर से बंगाल तक अगले 48 घंटे खतरनाक, IMD ने किया आगाह


Aaj Ka Mausam Live: अप्रैल की गर्मी के बीच आसमान का मिजाज लगातार बदल रहा है. बादल हैं, बारिश है, आंधी है और कई जगहों पर डर भी है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम जैसे दो चेहरों में बंटा दिख रहा है. एक तरफ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, तो दूसरी तरफ तेज हवाएं, बिजली और ओलावृष्टि ने खतरे की घंटी बजा दी है. मौसम विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं. कहीं तेज तूफान आ सकता है, कहीं बिजली गिर सकती है और कहीं भारी बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं.

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रूप में दिख रहा है. पहाड़ों पर बर्फबारी और तेज बारिश का खतरा है. मैदानी इलाकों में आंधी और बिजली का डर है. पूर्वोत्तर में तूफानी हवाएं 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं. वहीं दक्षिण भारत में चक्रवाती गतिविधियां बारिश को और तेज कर सकती हैं. IMD ने साफ चेतावनी दी है कि अगले दो दिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यह मौसम राहत के साथ-साथ खतरा भी लेकर आ रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम का मिजाज बिल्कुल ‘मिक्स’ दिखाई दे रहा है. (फाइल फोटो)
  • पिछले एक हफ्ते से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने देश के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में लगातार बारिश और आंधी ने तापमान को नीचे ला दिया है. हालांकि, अब कुछ इलाकों में मौसम साफ होने के संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है. लेकिन इस राहत के बीच कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है.
  • मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में आंधी-बारिश का असर कुछ दिनों में कम हो सकता है, लेकिन पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा. खासतौर पर असम, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं मध्य भारत में तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी फिर से दस्तक दे सकती है.

दिल्ली-NCR में मौसम का मिक्स पैटर्न

  • दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम का मिजाज बिल्कुल ‘मिक्स’ दिखाई दे रहा है. न पूरी तरह गर्मी, न पूरी तरह ठंड बल्कि दोनों का हल्का-हल्का असर एक साथ महसूस हो रहा है. सुबह की शुरुआत हल्की ठंडी हवा से होती है, इससे लोगों को सुकून मिलता है. दिन चढ़ते ही सूरज तेज हो जाता है, लेकिन बीच-बीच में बादल उसकी तपिश को कम कर देते हैं. यही वजह है कि यहां का मौसम फिलहाल राहत देने वाला बना हुआ है.
  • मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 10 अप्रैल को मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जो गर्मी को थोड़ा नियंत्रित रखेगी. 11 और 12 अप्रैल को भी आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे और सूरज के साथ उनकी लुकाछिपी जारी रहेगी. इससे दिन के समय हल्की गर्मी जरूर महसूस होगी, लेकिन सुबह और शाम का समय सुहावना बना रहेगा. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ दिनों में बादल कम हुए, तो तापमान तेजी से बढ़ सकता है और दिल्ली फिर से गर्मी की चपेट में आ सकती है.

यूपी में बदलता मौसम

  • उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम का ट्रेंड काफी दिलचस्प है. पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं ने राज्य के ज्यादातर हिस्सों को गर्मी से राहत दी है. कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को अप्रैल की तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. खेतों में काम कर रहे किसानों से लेकर शहरों में रहने वाले लोगों तक, हर किसी को इस बदले मौसम का असर महसूस हो रहा है.
  • हालांकि, IMD का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली. अगले कुछ दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं. जैसे ही आसमान साफ होगा, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. खासतौर पर पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में गर्मी फिर से दस्तक दे सकती है.
  • लखनऊ की बात करें तो यहां 10 और 11 अप्रैल को हल्के बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम थोड़ा संतुलित रहेगा. लेकिन 12 से 14 अप्रैल के बीच आसमान पूरी तरह साफ होने का अनुमान है. इस दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इसके अलावा 15 अप्रैल के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो फिर से मौसम का रुख बदल सकता है. इसका मतलब साफ है कि यूपी में आने वाले दिनों में मौसम बार-बार करवट ले सकता है.
मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम थोड़ी राहत देने वाला है, लेकिन यह राहत अस्थायी है. (फाइल फोटो)

बिहार में अलर्ट जारी

बिहार में पिछले कई दिनों से मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है. तेज हवाएं, अचानक बारिश और गरज-चमक ने कई जिलों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है. कुछ इलाकों में 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली हैं, इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं. मौसम विभाग ने अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में आंधी-तूफान, तेज बारिश, बिजली गिरने और ओले पड़ने की संभावना बनी हुई है. खास बात यह है कि इन क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. हालांकि राहत की बात यह है कि शुक्रवार से मौसम धीरे-धीरे साफ होने के संकेत मिल रहे हैं. इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है और गर्मी का असर बढ़ेगा. लेकिन फिलहाल लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि मौसम का यह अस्थिर रूप अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

राजस्थान में राहत के बाद गर्मी

  • राजस्थान में पिछले सप्ताह से मौसम ने राहत जरूर दी है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. खासतौर पर जयपुर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रही.
  • मौसम विभाग के अनुसार, 11 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में देखने को मिल सकता है. यहां हल्के बादल छाने और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.
  • लेकिन जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, मौसम तेजी से साफ हो जाएगा और तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका सीधा मतलब है कि राजस्थान में एक बार फिर गर्मी का असर तेज होने वाला है और आने वाले दिनों में लू जैसी स्थिति बन सकती है.

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में तापमान का खेल

  • मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम थोड़ी राहत देने वाला है, लेकिन यह राहत अस्थायी है. कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बादलों की वजह से तापमान थोड़ा कम हुआ है, लेकिन जल्द ही मौसम साफ होने की संभावना है. जैसे ही आसमान साफ होगा, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर महसूस होने लगेगा.
  • छत्तीसगढ़ की स्थिति इससे थोड़ी अलग है. यहां मौसम विभाग ने 14 और 15 अप्रैल के लिए लू का अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि तापमान काफी ऊंचा जा सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
  • इसके अलावा गुजरात के तटीय इलाकों में भी 11 से 15 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना जताई गई है. कुल मिलाकर, मध्य भारत में मौसम का संतुलन धीरे-धीरे गर्मी की ओर झुक रहा है और आने वाले दिनों में यहां तापमान लगातार बढ़ सकता है.

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी मौसम

  • उत्तराखंड: उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह से एक्टिव बना हुआ है. चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड अचानक बढ़ गई है और केदारनाथ धाम के आसपास अच्छी खासी बर्फबारी देखी जा रही है.
  • हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही है. शिमला, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने यहां भूस्खलन का खतरा भी जताया है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
  • जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में 11 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. श्रीनगर और आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट देखी जा रही है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ गया है.
मौसम विभाग के अनुसार 11 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. (फाइल फोटो)

दक्षिण भारत में बारिश का असर

  • दक्षिण भारत में मौसम का असर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण ज्यादा देखने को मिल रहा है. केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. इन क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं, इससे मछुआरों को सावधान रहने की सलाह दी गई है.
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है. यहां लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. मौसम विभाग ने यहां भी अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

पूर्वोत्तर में तूफान का खतरा

  • पूर्वोत्तर भारत में मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है. ओडिशा, सिक्किम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यहां हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो काफी खतरनाक मानी जाती है.
  • इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और ओले पड़ने की संभावना भी जताई गई है. मौसम का यह रूप न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है.

अगले 48 घंटे क्यों महत्वपूर्ण हैं?

अगले 48 घंटे इसलिए अहम हैं क्योंकि इस दौरान देश के कई हिस्सों में अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां एक साथ देखने को मिलेंगी. कहीं तेज बारिश होगी तो कहीं आंधी और बिजली गिरने का खतरा रहेगा. पूर्वोत्तर में तूफानी हवाएं हालात बिगाड़ सकती हैं.

क्या यह मौसम बदलाव सामान्य है?

यह बदलाव पूरी तरह असामान्य नहीं है, लेकिन इसकी तीव्रता ज्यादा है. पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण एक साथ सक्रिय हैं, जिससे मौसम ज्यादा अस्थिर हो गया है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी इलाकों और तटीय दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा खतरा है. यहां तेज हवाएं, भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना ज्यादा है.

क्या इससे गर्मी कम होगी?

फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी कम महसूस हो रही है, लेकिन जैसे ही मौसम साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ सकता है.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

तेज हवाओं और बिजली के दौरान खुले में न रहें. पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें. मौसम अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन की सलाह मानें.



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