वृंदावन बोट हादसा: 9 घंटे चले रेस्क्यू के बाद निकली बोट, कई परिवारों में मातम

0
वृंदावन बोट हादसा: 9 घंटे चले रेस्क्यू के बाद निकली बोट, कई परिवारों में मातम


मथुरा में वृंदावन के केशीघाट पर यमुना नदी में एक बड़ा हादसे की खबर सामने आई है. यहां यमुना में नौकाविहार कर रहे श्रद्धालुओं की मोटर बोट की पंख पैंटून पुल की रस्सी में फंस जाने से डूब गई, जिससे उसमें सवार चालक समेत 37 श्रद्धालु डूब गए. करीब 9 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मोटर बोट को यमुना की रेत से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक हादसे में 10 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी थी. वहीं 22 श्रद्धालुओं को पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन अभी भी 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं. फिलहाल, लोगों की तलाश के लिए सुबह दोबारा से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.

राहत-बचाव कार्य जारी

जिलाधिकारी चंद प्रकाश सिंह के अनुसार, अब तक कई लोगों को बचाया जा चुका है और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना की मदद भी ली जा रही है. NDRF की टीम मौके पर पहुंच रही है और लापता लोगों की तलाश तेज कर दी गई है.

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए अधिकांश श्रद्धालु लुधियाना के रहने वाले थे, जो वृंदावन में दर्शन-पूजन के लिए आए थे. मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सुरक्षा के बीच उनके घर भेजा जा रहा है.

वहीं इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्ति की है.

पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा- मथुरा में नाव पलटने से हुई दुर्घटना से गहरा दुख हुआ. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे मारे गए लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की, तो वहीं घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

बता दें कि केशी घाट और मांट घाट के बीच बने पैंटून पुल के पीपों को दोपहर में कसा जा रहा था, लेकिन इस दौरान बोट की आवाजाही नहीं रोकी गई. इतना ही नहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई, जिससे ये हादसा हुआ.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *