कम किराया, AC सुविधा.. अब आजमगढ़ में दोड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, यहां जानिए रूट
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आजमगढ़ में जल्द ही इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने जा रही है, जिसके लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण भी किया जा रहा है. इस पहल से यात्रियों को सस्ता, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सफर मिलेगा, साथ ही प्रदूषण में भी कमी आएगी.
आजमगढ़: जनपद की सड़कों पर अब जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी. जिले में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की तरफ से तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने से जनपदवासियों को सफर का नया और आधुनिक अनुभव मिलेगा. ये बसें जहां डीजल और पेट्रोल के इस्तेमाल को कम करेंगी, वहीं यात्रियों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होंगी. इनके सुचारू संचालन के लिए आजमगढ़ बस स्टेशन पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है.
यात्री और प्रकृति दोनों के लिए फायदा
आजमगढ़ वासियों को परिवहन विभाग की इस नई सौगात से परिवहन सेवा जहां एक ओर आधुनिक और बेहतर होगी, वहीं इसका पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल से चलने वाली बसों की संख्या धीरे-धीरे कम होगी, जिससे ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी. इसका सीधा फायदा यात्रियों की जेब पर भी पड़ेगा. डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों का किराया कम होने की संभावना है, जिससे कम खर्च में यात्रियों को वातानुकूलित बसों में सफर करने का मौका मिलेगा और महंगे किराए का बोझ भी कम होगा.
1 घंटे में फुल चार्ज होंगी 5 बसें
जनपद में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पहले आजमगढ़ बस अड्डे पर चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है. जानकारी के अनुसार, इस चार्जिंग स्टेशन पर एक साथ 5 बसों को चार्ज करने की क्षमता होगी और ये बसें लगभग 1 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो सकेंगी. क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश परिवहन, आजमगढ़, मनोज कुमार बाजपेई ने बताया कि बेहतर संचालन के लिए आजमगढ़ के साथ-साथ बलिया और अन्य शहरों में भी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं. शुरुआत में इन बसों का संचालन 150 से 200 किलोमीटर की दूरी वाले रूट पर किया जाएगा, जैसे आजमगढ़ से वाराणसी, गोरखपुर और बलिया.
फुल चार्ज होने पर लगभग 250 किलोमीटर तक की दूरी तय होंगी
उन्होंने बताया कि ये इलेक्ट्रिक बसें एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 250 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेंगी. इसलिए शुरुआती चरण में इन्हें उन्हीं रूट्स पर चलाया जाएगा, जहां दोबारा चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो. यदि यात्रा के दौरान बीच में चार्जिंग की जरूरत पड़ेगी, तो प्राइवेट चार्जिंग स्टेशनों का सहारा लिया जाएगा. इसके लिए निजी स्तर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा
उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जहां ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा, वहीं यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा. इलेक्ट्रिक बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में कम रखा जाएगा, जिससे यात्रा सस्ती और सुविधाजनक हो सकेगी.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें