Nath Corridor: काशी-अयोध्या की तर्ज पर संवरेगा बरेली का शिवधाम, देखें प्लान
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Bareilly News: बरेली के प्राचीन श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर को सीएम योगी की महत्वाकांक्षी ‘नाथ कॉरिडोर’ परियोजना के तहत काशी और अयोध्या की तर्ज पर आधुनिक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. कैंट बोर्ड की इस योजना में वैदिक लाइब्रेरी, ओपन थिएटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और महाभारत कालीन इतिहास को दर्शाती भव्य वॉल आर्ट का निर्माण शामिल है. इस ऐतिहासिक पहल से बरेली में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी.
Bareilly News: उत्तर प्रदेश की ‘नाथ नगरी’ को वैश्विक स्तर पर धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. बरेली कैंट क्षेत्र में स्थित सदियों पुराना और ऐतिहासिक श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘नाथ कॉरिडोर’ परियोजना के तहत एक आधुनिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तब्दील होने जा रहा है. काशी विश्वनाथ और अयोध्या धाम की तर्ज पर विकसित हो रहे इस पावन धाम में प्राचीन विरासत को सहेजने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का ऐसा ताना-बाना बुना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करेगा.
नाथ कॉरिडोर: सीएम योगी की प्राथमिकताओं में शामिल
नाथ कॉरिडोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष प्राथमिकताओं में शामिल है. इस परियोजना का उद्देश्य बरेली के प्राचीन नाथ मंदिरों को एक भव्य धार्मिक स्वरूप में विकसित करना है, ठीक उसी तरह जैसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम का विकास किया गया है. सदियों पुराने इस मंदिर को भगवान शिव की महान शक्तिस्थली माना जाता है और यह बरेली के सात प्रमुख नाथ मंदिरों में से एक है. सरकार और कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से यहां कई बड़े विकास कार्यों की योजना बनाई जा रही है, जिससे यह स्थान धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकेगा.
वैदिक लाइब्रेरी और ओपन थिएटर का निर्माण
कैंटोनमेंट बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. तनु जैन के अनुसार, धोपेश्वर नाथ मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक वैदिक लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है. इसके साथ ही, यहाँ एक ओपन थिएटर के निर्माण का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है. भविष्य में यहाँ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा, मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन और चमत्कारी जल कुंड के पानी को हमेशा स्वच्छ बनाए रखने के लिए आधुनिक फिल्टरेशन और स्वच्छता तकनीक का उपयोग किया जा रहा है.
शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष कार्य किए जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडियन नॉलेज सिस्टम (भारतीय ज्ञान प्रणाली) और विशेष लाइब्रेरी स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है. इसके अलावा, यहां एक भव्य गौशाला निर्माण का प्रस्ताव भी बोर्ड द्वारा पारित किया जा चुका है. इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, वेदों और हमारे पारंपरिक ज्ञान से मजबूती से जोड़ना है.
वॉल आर्ट में दिखेंगे धूम्र ऋषि और महाभारत कालीन इतिहास
धोपेश्वर नाथ मंदिर को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बरेली में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई पहचान मिलेगी. सरकार की यह पहल नाथ परंपरा की विरासत को संरक्षित करते हुए शहर को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
इसी क्रम में, मुख्य मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के लिए एक सुव्यवस्थित परिक्रमा मार्ग विकसित किया जा रहा है. साथ ही, मंदिर के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व, जैसे धूम्र ऋषि की तपस्या और इसके महाभारत कालीन इतिहास को जीवंत रूप में दर्शाने के लिए परिसर में विशेष ‘फोकस वॉल’ और आकर्षक वॉल आर्ट तैयार की जा रही हैं. यहाँ आने वाले पर्यटकों और भक्तों की सुविधा के लिए आधुनिक व स्वच्छ शौचालय ब्लॉक और व्यवस्थित प्रसाद वितरण केंद्र भी बनाए जा रहे हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें