चित्रकूट सोमवती अमावस्या पर बदला रूट, जाम से बचने के लिए पार्किंग प्लान
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Somvati Amavasya 2026: चित्रकूट में 15 जून को आने वाली सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. मां मंदाकिनी में पवित्र स्नान और कामदगिरि परिक्रमा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए रामघाट पर टेंट और मैट बिछाए जा रहे हैं, वहीं यातायात को सुचारु रखने के लिए डीएम पुलकित गर्ग ने विशेष पार्किंग और रूट प्लान लागू किया है, जिससे शहर को जाम से बचाया जा सके.
Somvati Amavasya: धर्म नगरी चित्रकूट एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने जा रही है. भगवान श्रीराम की पावन तपोस्थली पर आगामी 15 जून को आने वाली सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. देश के कोने-कोने से आने वाले ये श्रद्धालु पतित पावनी मां मंदाकिनी नदी में पवित्र स्नान करने के उपरांत कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करेंगे. इसके साथ ही विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे. इस महामेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने भी जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.
ये है सोमवती अमावस्या की पौराणिक मान्यता
आपको बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास काल में से लगभग साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट के जंगलों में ही बिताए थे. इस प्रवास के दौरान वे नियमित रूप से रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान किया करते थे. इसके अतिरिक्त हिंदू धर्म में यह भी गहरी मान्यता है कि महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी को सोमवती अमावस्या के दिन ही इसी रामघाट पर भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के साक्षात दर्शन हुए थे. यही मुख्य वजह है कि इस विशेष पर्व का चित्रकूट में अत्यधिक धार्मिक महत्व माना जाता है और प्रतिवर्ष देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु यहाँ खिंचे चले आते हैं.
भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन की विशेष व्यवस्था
वहीं, इस वर्ष भी भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी है.रामघाट क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की जा रही है, जबकि श्रद्धालुओं के पैदल चलने के लिए जमीन पर मैट और कारपेट बिछाए जा रहे हैं ताकि गर्म फर्श से लोगों को राहत मिल सके. इसके साथ ही बैठने के लिए अलग से छायादार स्थान भी तैयार किए जा रहे हैं.ताकि दूर दराज से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु यहां आराम से बैठ और लेट सके.
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने दी अहम जानकारी
वहीं, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि सोमवती अमावस्या के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पेयजल, विश्राम और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
वही अगर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष पार्किंग योजना भी लागू की है,बाहर से आने वाले वाहनों के लिए मुख्य मेला क्षेत्र से करीब दो किलोमीटर दूर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं. वहां से श्रद्धालु ई-रिक्शा और टेंपो के माध्यम से यूपीटी तिराहे तक पहुंच सकेंगे और फिर पैदल रामघाट व अन्य धार्मिक स्थलों तक जा सकेंगे.इससे शहर के भीतर जाम की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें