लखनऊ अग्निकांड का क्या है एक-एक सच? SIT की रिपोर्ट में आज होगा खुलासा

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लखनऊ अग्निकांड का क्या है एक-एक सच? SIT की रिपोर्ट में आज होगा खुलासा


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Lucknow Coaching Fire News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल में एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग की घटना में कई छात्रों की मौत और अन्य के घायल होने के मामले में जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है.

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लखनऊ अग्निकांड में पुलिस की जांच जारी.

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए अग्निकांड की जांच कर रही एसआईटी आज शासन को रिपोर्ट सौंप सकती है. एलडीए, अग्निशमन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग की तरफ से अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है. रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, विभागों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला होगा. सीएम योगी ने दो सदस्यीय एसआईटी गठित कर एक सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए थे.

NHRC ने लखनऊ के डीएम और पुलिस कमिश्नर से मांगा जवाब
एसआईटी ने भवन स्वामी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए. नक्शे, निर्माण की स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच हुई. सूत्रों के मुताबिक सभी तथ्यों के मिलान के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया. अलीगंज अग्निकांड मामले में एनएचआरसी ने लखनऊ के डीएम ,पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा. मामले को मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए डीएम ,सीपी को नोटिस जारी की.

NHRC ने यूपी के मुख्य सचिव को दिए निर्देश
दो हफ्ते के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच कराने का निर्देश भी दिया है. आयोग ने यूपी के मुख्य सचिव से कोचिंग सेंटर रेगुलेशन गाइडलाइंस 2024 का सूबे में कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया. घायलों के समुचित उपचार,पीड़ित परिवारों को राहत के निर्देश दिए हैं. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए कदमों की जानकारी भी मांगी है.

लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की हुई थी मौत
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में 22 जून को भीषण आग लग गई थी. इस इमारत में एक कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय, एनीमेशन स्टूडियो तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान थे. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.

बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र शुक्ला पर एक और FIR
वहीं बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र शुक्ला पर एक और एफआईआर दर्ज की गई है. बिजली कनेक्शन लेने के लिए फर्जी एनओसी लगाने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक आलोक शुक्ला ने दर्ज कराई एफआईआर. अग्निकांड की जांच में लगे विद्युत सुरक्षा विभाग ने फर्जी एनओसी पकड़ी थी. एनओसी पर तत्कालीन सहायक निदेशक पीके निगम के हस्ताक्षर जांच में मेल नहीं खाए. एनओसी की लिखावट , फ़ॉन्ट साइज, पेपर डिजाइन भी विद्युत सुरक्षा विभाग से अलग-लग रहा है. तत्कालीन सहायक निदेशक पीके निगम के फर्जी हस्ताक्षर से 2016 में एनओसी लाने की बात आई सामने.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





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