बच्चों को बुखार आया तो न करें देरी, डॉक्टर ने बताया किन बीमारियों का है खतरा
मिर्जापुर: मौसम में बदलाव के साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बच्चों में बीमारियां फैल रही है. हर वर्ष की अपेक्षा इस बार बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं. गुजरात में फैले हुए चांदीपुरा वायरस के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है. हालांकि, अभीतक मिर्जापुर में कोई ऐसा केस सामने नहीं आया है, लेकिन डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने को लेकर निर्देश दिए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बीमारी को हल्के में नहीं लें. यह दिमागी बुखार है. यदि ऐसा कुछ लक्षण लगे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मंडलीय अस्पताल में आकर डॉक्टरों को जरूर दिखाए.
मंडलीय अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आस्था भट्ट ने लोकल 18 से बताया कि जो वायरस चल रहा है. उसमें वायरल फीवर ज्यादा है. मुख्य बात यह है इस समय बरसात का मौसम है. पानी को इकट्ठा नहीं रखना है. जब पानी इकट्ठा हो रहा है तो एक तो उससे मलेरिया हो सकता है. यह एक वायरल नहीं बल्कि एक पैरासिटिक इंफेक्शन है. दूसरा डेंगू हो सकता है, जो कि एक वायरल फीवर है. अभी कुछ जगहों पर गुजरात साइड में चंडीपुरा वायरस भी फैल रहा है जिससे दिमागी बुखार और दौरे आ रहे हैं. ऐसे में हमें विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. बच्चों का विशेष ध्यान दें. अगर बुखार आ रहा हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जरुर दिखाए और उपचार लें.
बेमौसम बारिश से फैल रही बीमारियां
डॉ. आस्था भट्ट ने बताया कि इस समय बारिश के मौसम में बारिश से ही होने वाली बीमारियां फैल रही हैं, जिसमें कि यही सारी जो हैं वायरल फीवर भी बहुत ज्यादा हो रहा है. कॉमन कोल्ड, कफ जो हर सीजन में आता है, पर इस समय भी ज्यादा हो रहा है.
हमें बचना है इस समय मेनली मच्छरों से. अपने घर में या तो मच्छरदानी का यूज करिए. ऑल-आउट का प्रयोग करिए. पानी को इकट्ठा मत रखिए, जिससे आप इन सब बीमारियों से बचे रह सकें.
बचाव पर दें ध्यान
डॉ. आस्था भट्ट ने बताया कि सबसे पहले तो कोई भी बीमारी से रोकने के लिए उसका एक प्रिवेंशन होता है. प्रिवेंशन जैसे मच्छरदानी यूज करना है. जो लोशंस आते हैं लगाने के लिए, जो ऑल-आउट है. ये सारी चीजें आप यूज करिए, इसके अलावा साफ पानी पीजिए. सबसे बड़ी चीज जो है, वह साफ पानी होना चाहिए. नहीं है आपके पास साफ करने का कोई तरीका तो उबाल लीजिए और उसको ठंडा करके इस्तेमाल करिए.
अभी नहीं आया है कोई केस
डॉ. आस्था भट्ट ने बताया कि बच्चों को इस समय सेफ रखना है, क्योंकि अगर ये वायरस जो है, जो कि गुजरात साइड में फैल रहा है चंडीपुरा वायरस. अगर वो इधर भी आता है तो दिक्कत होगी. हालांकि, अभी ऐसा हमको केस हम लोग को नहीं मिल रहा है तो एक दिमागी बुखार के भी चांस हो सकते हैं. हमे जो अभी बचना है वो हमें डेंगू से, मलेरिया से, लेप्टोस्पायरा से. जितनी भी चीजें मच्छरों से या गंदे पानी से फैलती हैं, उनसे हमें अपने बच्चों को बचाना है.