कब और कैसे हुई वृंदावन की स्थापना, किसने की खोज…जानें इस शहर का कल और आज
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Vrindavan Discovery : ये हिंदू संस्कृति और इतिहास से जुड़ा एक प्राचीन शहर है. वृंदावन की स्थापना कई सदी पहले की गई. ये यूपी से सबसे धार्मिक शहरों में गिना जाता है. इसका कनेक्शन चैतन्य महाप्रभु से है.
वृंदावन की स्थापना 16वीं और 17वीं शताब्दी में हुई. यह हिंदू संस्कृति और इतिहास से जुड़ा एक प्राचीन शहर है. मान्यताओं के मुताबिक, चैतन्य महाप्रभु ने 1515 में वृंदावन की खोज की थी.

बांके बिहारी मंदिर के पुजारी छोटू गोस्वामी ने लोकल 18 को बताया कि चैतन्य महाप्रभु ने अपने शिष्यों को भी वृंदावन जाने के लिए भेजा था. वृंदावन को वृंदा (तुलसी) का वन कहा जाता है. यहां तुलसी के पौधे बहुत ज़्यादा हैं. वृंदावन से लौटते समय ब्रज की मिट्टी लाना शुभ माना जाता है.

वृंदावन में प्रेम मंदिर, श्री पर्यावरण बिहारी जी का मंदिर, श्री राधारमण मंदिर, श्री राधा दामोदर मंदिर, राधा श्याम सुंदर मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, गोकुलेश मंदिर, श्री कृष्ण बलराम मंदिर, पागलबाबा का मंदिर, रंगनाथ जी का मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, अक्षय पात्र, और वैष्णो देवी मंदिर जैसे कई मंदिर हैं.

वृंदावन में मालपुआ, रबड़ी और लस्सी जैसे मीठे व्यंजन भी बहुत प्रसिद्ध हैं.

भक्त अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार फूल बंगला सजाते हैं. जिसकी जैसी श्रद्धा है वह उसी प्रकार का बंगला सजवाता है. 108 दिन तक भगवान बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगले का कार्यक्रम चलता है. इस साल फूल बंगले सजवान की बुकिंग पूरी हो चुकी है.