मंदबुद्धि युवक की जान बचाकर बना देवदूत: बलिया के डॉक्टर ने उठाया खर्च, जानें

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मंदबुद्धि युवक की जान बचाकर बना देवदूत: बलिया के डॉक्टर ने उठाया खर्च, जानें


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बलिया में सड़क हादसे में घायल मंदबुद्धि युवक को डॉक्टर अनिल सिंह ने अपनी जिम्मेदारी समझ इलाज किया. एक महीने तक खुद के खर्चे पर उपचार कराया. सोशल मीडिया की मदद से समाजसेवी ने परिवार से मिलवाया. परिजनों ने डॉक्टर…और पढ़ें

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घर इकलौते चिराग को पाकर परिजन हुए गदगद 

हाइलाइट्स

  • बलिया में सड़क हादसे में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक घायल मिला.
  • एंबुलेंस चालक ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया.
  • वरिष्ठ सर्जन डॉ. अनिल सिंह ने बिना पहचान के इलाज कराया.

बलिया: भोजपुरी में एक कहावत है “जेकर राम ना बिगाड़िहें, ओकर केहू ना बिगाड़ी”.यह कहावत बलिया में एकदम सच साबित हुई. यहां एक मंदबुद्धि युवक सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गया, उसका इलाज करवाने के लिए कोई नहीं आ रहा था. ऐसे में भगवान ने डॉक्टर अनिल सिंह के रूप में उसके लिए एक फरिश्ता भेज दिया.

दरअसल, बलिया जिले के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र में 12 अप्रैल की सुबह एक 29 वर्षीय युवक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया. वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा था. सौभाग्य से एक एंबुलेंस चालक की नजर उस पर पड़ी और उसने फौरन युवक को जिला अस्पताल बलिया पहुंचा दिया. जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर अनिल सिंह ने मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया.

युवक के सिर में आई थीं गंभीर चोटें
डॉक्टर अनिल सिंह ने बताया कि युवक को सिर में गंभीर चोटें आई थीं और उसकी हालत नाजुक थी. सबसे बड़ी समस्या ये थी कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था. ऐसे में डॉक्टर ने मरीज को अपनाते हुए खुद ही उसका ‘परिजन’ बन इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाई.

1 महीने तक इलाज का उठाया खर्च
पूरे एक महीने तक डॉक्टर अनिल सिंह ने न सिर्फ मरीज का इलाज कराया, बल्कि तमाम जरूरी दवाइयों और देखभाल का खर्च भी अपनी जेब से उठाया. इस दौरान जिला अस्पताल का बर्न वार्ड स्टाफ, खासकर लल्लन नाम के कर्मचारी ने भी पूरी सेवा भावना के साथ युवक की देखभाल की. धीरे-धीरे युवक की हालत सुधरने लगी, लेकिन उसकी पहचान अभी तक एक रहस्य बनी हुई थी.

सोशल मीडिया की मदद से परिजनों से मिलाया
यहीं से डॉक्टर अनिल सिंह ने समाजसेवी सागर सिंह ‘राहुल’ से संपर्क किया. सागर सिंह पहले भी विक्षिप्त और गुमशुदा लोगों को उनके परिवार से मिलाने का काम कर चुके हैं. उन्होंने सोशल मीडिया की मदद ली और कुछ ही दिनों में युवक की पहचान सामने आ गई. युवक का नाम अजय तुरहा है. वह बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र का निवासी है और मानसिक रूप से मंदबुद्धि है. अजय 12 अप्रैल से घर से लापता था.

बलिया के लोगों ने अनिल सिंह का किया स्वागत
जब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और अपने बेटे को सही- सलामत देखा, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए. अजय अपने घर का इकलौता बेटा है. परिजनों ने डॉक्टर अनिल सिंह और अस्पताल के पूरे स्टाफ का दिल से आभार जताया. बलिया के नागरिकों ने भी डॉक्टर अनिल सिंह की इस सेवा भावना को सलाम करते हुए फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया.

सीएमएस डॉ. एसके यादव, डॉ. रितेश सोनी, डॉ. पंकज झा और डॉ. सौरभ सिंह समेत अस्पताल के अन्य डॉक्टर और स्टाफ भी इस मौके पर मौजूद रहे. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि अभी भी समाज में ऐसे लोग हैं जो इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हैं और बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं.

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