त्रेता युग में जहां से न्याय करते थे प्रभु राम, अयोध्या में आज भी वो जगह, तिनका-तिनका अद्भुत
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Ram kachhari temple : ये जगह राम मंदिर के ठीक सामने है. लंका विजय के बाद जब प्रभु राम अयोध्या आए तो उन्होंने इसी जगह से न्याय देना शुरू कर दिया.
अयोध्या. यूपी के अयोध्या का नाम आते ही मन में प्रभु श्री राम की तस्वीर उभर आती है. अयोध्या, जहां मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम ने जन्म लिया. आज इस अयोध्या में करीब 10000 मठ और मंदिर हैं. हर मठ-मंदिर में भगवान राम और माता जानकी की उपासना होती है. लेकिन सभी मंदिरों और जगहों की मान्यता अलग-अलग है. त्रेता युग में जिस-जिस स्थल पर प्रभु राम समय व्यतीत किया करते थे, आज कलयुग में भी वे स्थल मौजूद हैं. इन्हीं स्थलों में से एक राम मंदिर के ठीक सामने की मंदिर है, जहां प्रभु राम अयोध्यावासियों के साथ न्याय करते थे. आइये उस मंदिर के बारे में जानते हैं और जानते हैं उससे जुड़ी मान्यता.
लंका विजय कर यहीं बैठे
राम मंदिर से मात्र 200 मीटर दूर राम कचहरी मंदिर है. राम कचहरी मंदिर में भगवान राम, माता जानकी, भगवान जगन्नाथ और भोलेनाथ विराजमान हैं. मान्यता है कि त्रेता युग में इसी स्थल पर प्रभु राम अपनी कचहरी लगाकर संपूर्ण अयोध्यावासियों की समस्याओं का समाधान किया करते थे. प्राचीन अयोध्या के तौर पर विकसित किये जा रहे इस इलाके में प्रभु राम के मंदिर के ठीक सामने राम कचहरी मंदिर है. लंका विजय के बाद जब प्रभु राम अयोध्या आए तो वह इसी स्थल से न्याय देते.
कष्ट जरूर पूछते
इस मंदिर के महंत शशिकांत दास बताते हैं कि राम कचहरी चारों धाम मंदिर, राम मंदिर के बिल्कुल पास में है. ऐसी मान्यता है कि त्रेता युग में प्रभु राम यहां बैठकर न्याय करते थे. लोग प्रभु राम के दरबार में हाजिरी लगाने आते. प्रभु उनके कष्ट पूछते और न्याय करते. प्रभु राम न्याय के देवता माने जाते हैं. न्याय के लिए ही उन्होंने कई प्रकार के कष्ट सहे है, लेकिन इस स्थल से कभी अन्याय नहीं होने दिया. ऐसी स्थिति में ये न्याय का भी मंदिर है. इस मंदिर में दर्शन मात्र से सभी मनोकामना पूरी होती है.