सावन में शिव भक्तों पर तोहफों की बारिश करेगा गीता प्रेस, छाप डालीं ऐसी-ऐसी चीजें
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Gita press gorakhpur : इनकी डिमांड हर साल सावन में सबसे ज्यादा रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार रिकॉर्ड तोड़ दिया गया है. लाखों श्रद्धालु इसकी मदद से इस महीने व्रत, पूजा और कथा-पाठ करते हैं.
गोरखपुर. सावन माह की धार्मिक और आध्यात्मिक तैयारियों के बीच गोरखपुर स्थित गीता प्रेस ने शिव भक्तों के लिए एक खास तोहफा तैयार किया है. हर वर्ष की तरह इस बार भी गीता प्रेस ने सावन से पहले ‘शिव संबंधित प्रमुख धार्मिक पुस्तकों’ की छपाई पूरी कर ली है. इन पुस्तकों की डिमांड हर साल सावन में सबसे अधिक रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार लगभग 40,000 प्रतियों में “शिव महापुराण” का प्रकाशन किया गया है.
कई भाषाओं में छापा
इसके अलावा, ‘शिव स्तोत्र रत्नाकर, शिव चालीसा, शिव आराधना, शिव पुराण जैसी लोकप्रिय पुस्तकें भी गीता प्रेस की ओर से छापकर देशभर के अपने सभी बिक्री केंद्रों और शाखाओं पर भेज दी गई हैं. खास बात यह है कि शिव पुराण को इस बार उड़िया, नेपाली, कन्नड़ और गुजराती जैसी भाषाओं में भी प्रकाशित किया गया है, ताकि देश के विभिन्न प्रांतों में रहने वाले श्रद्धालु अपनी मातृभाषा में इन धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर सकें.
डिस्ट्रीब्यूशन पूरा
गीता प्रेस के मैनेजर लालमणि तिवारी ने बताया कि सावन की मांग को देखते हुए प्रकाशन कार्य की योजना पहले से ही तैयार कर ली गई थी. हमारी कोशिश रहती है कि श्रद्धालुओं को उनके श्रद्धा के समय पर जरूरी धार्मिक सामग्री उपलब्ध हो सके. इसीलिए समय से पहले ही छपाई, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
सावन महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. लाखों श्रद्धालु इस महीने में व्रत, पूजा और कथा-पाठ करते हैं. ऐसे में गीता प्रेस की ये पुस्तकें श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना का एक महत्त्वपूर्ण आधार बनती हैं. इस प्रयास के जरिए गीता प्रेस न सिर्फ धार्मिक संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि भारतीय भाषाओं में आध्यात्मिक साहित्य की सहज उपलब्धता को भी सुनिश्चित कर रहा है.
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