लाल और हरे पत्तों वाला ये साग है नेचुरल दवा, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, जाने

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लाल और हरे पत्तों वाला ये साग है नेचुरल दवा, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, जाने


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(रिपोर्ट- संजय यादव). हमारे यहां आज भी लोग आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है चौलाई, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें भरपूर पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनके नियमित सेवन से शरीर को कई रोगों से राहत मिल सकती है और स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है.

गर्मियों के मौसम में मिलने वाला चौलाई का साग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है. यह दो प्रकार का होता है – सामान्य हरे पत्तों वाला और लाल पत्तों वाला चौलाई. यह एक स्वादिष्ट सब्जी होने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है. भारत में पाई जाने वाली इस सब्जी का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है, हालांकि अधिकतर लोग इसके स्वास्थ्य लाभों से अनजान हैं. चौलाई का नियमित सेवन कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है. यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है.

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जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) ने बताया कि हमारे यहां बहुत सी ऐसी साग-सब्जियां हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद हैं. इन्हीं में एक है चौलाई. इसमें भरपूर मात्रा में पोषक गुण पाए जाते हैं, जैसे कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं.

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खांसी में खून आने की बीमारी में चौलाई का सेवन लाभदायक है. कई लोगों को खांसी के साथ खून की बीमारी होती है. इसमें भी चौलाई का प्रयोग फायदा पहुंचाता है. चौलाई पंचांग का काढ़ा बनाकर 15-30 मिली मात्रा में पिएं. इससे रक्तनिष्ठीवन (खांसी में बलगम के साथ खून आना) में लाभ होता है.

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दांतों के रोग में चौलाई को पीसकर दांतों पर रगड़ें. इसके साथ ही पौधे का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले और दांतों के दर्द की बीमारी में लाभ होता है.

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ल्यूकोरिया की समस्या में फायदेमंद—जिन महिलाओं को ल्यूकोरिया से संबंधित परेशानी है, वे चौलाई का उपयोग कर लाभ ले सकती हैं. लाल चौलाई के जड़ के पेस्ट में मधु और मण्ड मिलाकर पिएं. इससे ल्यूकोरिया में लाभ होता है.

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दस्त और पेचिश में चौलाई का उपयोग करना चाहिए. चौलाई के पौधे का काढ़ा बना लें. इसे 10–20 मिली मात्रा में पीने से पेचिश, दस्त आदि पेट के रोग में लाभ होता है.

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त्वचा संबंधी विकारों में भी चौलाई का इस्तेमाल प्रभावशाली ढंग से काम करता है. इसके लिए चौलाई पंचांग को पीसकर लगाएं. इससे खुजली और दाद आदि त्वचा विकार ठीक होते हैं.

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