सड़क पर झूलता तार और नीचे से गुजरते लोग, मऊ के माहपुर में हर दिन जान का खतरा
मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के माहपुर ग्राम सभा में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पर चल रहे हैं. बिजली विभाग द्वारा लगाया गया पोल से तार सड़क से लगभग 5 से 6 फुट की ऊंचाई पर लटक रहा है. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलने पर मजबूर हैं. आइए जानते हैं ग्रामीण बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए क्या कुछ कह रहे हैं.
सड़क से महज 5 से 6 फुट ऊपर लटक रहा बिजली का तार
माहपुर ग्राम सभा के निवासी निसामुद्दीन ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि गांव में बिजली विभाग ने इतनी बड़ी लापरवाही की है कि सड़क पर लोग जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं. इसकी खास वजह यह है कि बिजली विभाग द्वारा गांव में बिजली की सप्लाई के लिए लगाए गए तार को महज 5 से 6 फुट की ऊंचाई पर छोड़ दिया गया है. सड़क के बीचों-बीच तार होने की वजह से गांव में चार पहिया वाहन तक नहीं आ पाते हैं. गांव के बाहर ही सभी वाहन रुक जाते हैं.
इससे स्कूल आने-जाने वाले छात्रों के लिए स्कूल वैन, एंबुलेंस समेत अन्य वाहन भी इस रास्ते से नहीं गुजर पाते हैं. इससे ग्रामीणों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ. ऐसे में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क से गुजरने पर मजबूर हैं.
नया बिजली का पोल लगाने के लिए पैसे मांगने का आरोप
सोनू हाशमी बताते हैं कि गांव में बिजली का बिल लेने के लिए बिजली विभाग के जेई तक आते हैं. इस समस्या को लेकर कई बार उन्हें अवगत कराया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर छोड़ दिया जाता है. ग्रामीणों का आरोप है कि जब बिजली विभाग के छोटे कर्मचारी जैसे लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों से समस्या बताई जाती है तो नया पोल लगाने या तार को सही करने के लिए सीधे पैसे की मांग की जाती है.
गांव वालों का कहना है कि यदि हम बिजली का बिल सही समय पर दे रहे हैं तो फिर पोल लगाने या तार को सही कराने के लिए पैसे क्यों दें. ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से यह समस्या करीब एक साल से बनी हुई है. हालांकि गांव में छोटे-मोटे फॉल्ट होने पर जब भी बिजली विभाग के कर्मचारी लाइन सही करने आते हैं तो कुछ न कुछ पैसे ले लेते हैं. लेकिन सड़क पर लटक रहे इस तार को सही करने के लिए मोटे पैसे की मांग की जा रही है, जिसे ग्रामीण देने में सक्षम नहीं हैं. इसी वजह से बिजली का तार आज भी नीचे लटक रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं.
तार पकड़ते ही आ गई बिजली बच्चों की बची जान
मोहम्मद इमरान और सलाउद्दीन ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा गांव में तार तो फैलाया गया, लेकिन उसे सड़क से महज 5 से 6 फुट की ऊंचाई पर ही छोड़ दिया गया. अब इस तार की वजह से लोग हमेशा भय के साए में जी रहे हैं कि कहीं कोई बड़ी दुर्घटना न हो जाए.
ग्रामीणों के मुताबिक छोटे-छोटे बच्चे खेल-कूद के दौरान इस तार को पकड़कर लटक जाते हैं. एक बार ऐसी घटना भी हुई जब बच्चे खेल रहे थे और तार को पकड़े हुए थे. इसी दौरान बिजली आ गई. किसी तरह उन बच्चों की जान बची. ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद भी बिजली विभाग नहीं जागा और तार को सही नहीं कराया गया.
ग्रामीणों ने जल्द तार ठीक कराने की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर इतना नीचे बिजली का तार लटकना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है. इस रास्ते से बच्चों के अलावा बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण भी गुजरते हैं. ऐसे में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि सड़क पर लटक रहे तार को जल्द से जल्द सही कराया जाए और जरूरत के अनुसार नया बिजली का पोल लगाया जाए, ताकि लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क से न गुजरना पड़े.