कहां है पीलीभीत शहर का एक मात्र परशुराम मंदिर? जानें कैसे और कब हुई स्थापना?

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कहां है पीलीभीत शहर का एक मात्र परशुराम मंदिर? जानें कैसे और कब हुई स्थापना?


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Pilibhit News : वैसे तो आमतौर पर भगवान परशुराम पूरे हिंदू समाज के लिए पूज्य होते हैं. लेकिन अगर ब्राह्मण समाज की बात की जाए तो उनकी भगवान परशुराम में काफी गहरी आस्था होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पीलीभीत म…और पढ़ें

पीलीभीत. पिछले सालों तक पीलीभीत समेत आस पास के किसी भी इलाके में भगवान परशुराम का मंदिर नहीं था. लेकिन बीते वर्ष विप्रजनों द्वारा पीलीभीत के गौरीशंकर मंदिर परिसर में भगवान परशुराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई. भगवान परशुराम में आस्था रखने वाले लोग यहां पहुंच कर दर्शन कर सकते हैं. वैसे तो आमतौर पर भगवान परशुराम पूरे हिंदू समाज के लिए पूज्य होते हैं. लेकिन अगर ब्राह्मण समाज की बात की जाए तो उनकी भगवान परशुराम में काफी गहरी आस्था होती है.

पीलीभीत ने भी बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज की आबादी रहती है. पीलीभीत में भगवान परशुराम के पूजन के लिए अब तक कोई भी विग्रह मौजूद नहीं था. ऐसे में कुछ विप्रजनों ने शहर में भगवान परशुराम के मंदिर बनाने की पहल शुरू की. नतीजतन सभी की मिलीजुली पहल के बाद पीलीभीत शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक बाबा गौरीशंकर मंदिर प्रांगण में भगवान परशुराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा किया जाना तय हुआ.

पूरा हुआ मंदिर का 1 साल
बीते वर्ष 2024 जुलाई में अनुष्ठान के पश्चात भगवान परशुराम की मूर्ति को पूरे शहर में भ्रमण कराया गया. इसके बाद मंदिर परिसर में पूर्ण विधि विधान के साथ भगवान परशुराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी. आज मंदिर की स्थापना को एक वर्ष पूरा हो गया है इस मौक़े पर विप्र समाज के लोगों की ओर से भगवान परशुराम का रुद्राभिषेक कर पूजन किया गया.

कब कर सकते हैं दर्शन
अगर आप भी पीलीभीत में स्थित भगवान परशुराम मंदिर में जाकर दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सैकड़ों वर्ष प्राचीन बाबा गौरीशंकर मंदिर प्रांगण पहुंचना होगा. यह मंदिर शहर में स्थित ललित हरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय के समीप स्थित है. मंदिर के कापट सुबह 5 से दोपहर 1 वहीं शाम में 5-10 बजे तक खुले रहते हैं.

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