Animal Fodder: हरे चारे की टेंशन खत्म! सिर्फ भूसे से बनाइए प्रोटीन वाला पौष्टिक चारा, ऐसे करें तैयार
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसान चाहे तो केवल सूखे भूसे से भी प्रोटीन से भरपूर पौष्टिक चारा बना सकते हैं. अगर उसे यूरिया से उपचारित कर सही तरीके से तैयार किया जाए तो वह साधारण चारे से कहीं ज्यादा पोषक और पचने में आसान हो जाता है.
पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों या ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में पशुपालकों को चारे की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. किसान सूखे भूसे को यूरिया से उपचारित करके पौष्टिक आहार बना सकते हैं.
उनका कहना है कि भूसा वैसे तो सूखा और कम पोषक होता है लेकिन जब उसमें यूरिया मिलाया जाता है तो उसकी पौष्टिकता और पचने की क्षमता 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. यही वजह है कि इसे खाने के बाद पशु ज्यादा संतुष्ट होता है और दूध देने की क्षमता भी बढ़ जाती है.
डॉ. मनोज सिंह बताते हैं कि सूखे भूसे को यूरिया से उपचारित करना एक आसान प्रक्रिया है, लेकिन इसमें कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए. सबसे पहले 1 क्विंटल भूसे को चार हिस्सों में बांटकर छायादार स्थान पर रखना होता है. इसके बाद 4 किलो यूरिया को लगभग 50 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. इस घोल को भूसे के ऊपर छिड़काव करते हुए साथ ही हाथ से या किसी साधन की मदद से मिलाते जाना चाहिए, ताकि भूसे के सभी हिस्से समान रूप से गीले हो जाएं.
जब पूरा भूसा अच्छे से मिल जाए, तब उसे 21 दिनों के लिए ढककर रख दिया जाता है. निर्धारित समय के बाद यह भूसा यूरिया से उपचारित पौष्टिक चारा बन जाता है. लेकिन इसे सीधे पशुओं को खिलाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए पहले इस भूसे को लगभग 1 घंटे तक छायादार स्थान पर फैलाकर रखना चाहिए और फिर पशुओं को देना चाहिए.
डॉ. मनोज सिंह का कहना है कि यूरिया में लगभग 40 प्रतिशत नाइट्रोजन होता है. जब भूसे को यूरिया से उपचारित किया जाता है तो भूसे की पचने की क्षमता और पोषकता कई गुना बढ़ जाती है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि जो पशु ज्यादा दूध देते हैं, उनके लिए यह चारा और भी फायदेमंद है. हालांकि उनकी खुराक के हिसाब से चारे की मात्रा बढ़ानी पड़ती है. यूरिया उपचारित चारा न सिर्फ सस्ता है बल्कि आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है. इससे किसानों का खर्च भी कम होता है और पशुओं की सेहत भी बेहतर बनी रहती है.
सावधानी है जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूरिया उपचारित चारा तैयार करने से पहले किसान अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या पशु चिकित्सक से सलाह जरूर लें. क्योंकि जरा सी लापरवाही पशुओं के लिए खतरा बन सकती है. सही मात्रा में यूरिया का इस्तेमाल और चारे को ठीक से ढककर रखना बेहद जरूरी है.