Banda News : बांदा के तालाब में मगरमच्छ का ऐसा तांडव, लखनऊ तक घनघना रहे फोन
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Crocodile Rescue Banda : महोबा से वन विभाग की टीम को बुलाया गया था. तीन दिन तक रेस्क्यू चलाया, लेकिन मगरमच्छ उनकी पकड़ से बाहर रहा है. इसके बाद मजबूरी से विशेष टीम बुलानी पड़ी, वो भी खाली हाथ है.
बांदा. यूपी के बांदा जिले में हड़कंप का माहौल है. यहां बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मझिला गांव में इन दिनों मगरमच्छ की दहशत देखने को मिल रही है. यह मामला बस बांदा तक नहीं सीमित है, बल्कि इसकी चर्चा लखनऊ तक है. गांव के बीच स्थित बेचुल तालाब में पिछले छह दिनों से मगरमच्छ मौजूद है. कभी वह तालाब में रहता है तो कभी अचानक बाहर आकर आसपास घूमने लगता है. इससे ग्रामीण भयभीत हैं. खेतों में काम करने वाले किसान खेत नहीं जा रहे और लोग अपने बच्चों को भी स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं.
दो जिलों की टीमों को छका रहा
मामले की गंभीरता को देखते हुए महोबा से वन विभाग की टीम को बुलाया गया था. टीम ने तीन दिन तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन मगरमच्छ उनके पकड़ से भी बाहर रहा है. इसके बाद मजबूरी में प्रशासन को लखनऊ से विशेष टीम बुलानी पड़ी. यह टीम लखनऊ से रामू, सूरज, मन्ना, जितेंद्र, भद्दू और अरुण नामक गोताखोरों के साथ गांव पहुंची और गांव में मोर्चा संभाला कर रेस्क्यू अभियान शुरू किया. अब तक छह दिन बीत जाने के बाद भी मगरमच्छ को पकड़ा नहीं जा सका है.
तालाब किनारे डाला डेरा
ग्राम प्रधान पति दिनेश सिंह का कहना है कि लोग दहशत में जी रहे हैं. मगरमच्छ एक तालाब से दूसरे तालाब में घूम रहा है. यदि जल्द ही इसे पकड़ा नहीं गया तो किसी भी दिन कोई बड़ी घटना घट सकती है. तहसीलदार हेमराज सिंह बोनल भी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने तालाब का निरीक्षण किया और लौट गए. ग्रामीणों का आरोप है कि उच्च अधिकारियों की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उधर, लखनऊ से आई टीम ने तालाब के किनारे डेरा डाला हुआ है और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
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