Banke Bihari Temple Timing: पहले कितनी बार बढ़ाया जा चुका बांके बिहारी मंदिर के दर्शन का समय? हर बार टाइमिंग को लेकर क्यों विवाद, जानें…

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Banke Bihari Temple Timing: पहले कितनी बार बढ़ाया जा चुका बांके बिहारी मंदिर के दर्शन का समय? हर बार टाइमिंग को लेकर क्यों विवाद, जानें…


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Banke Bihari Temple Timing Update: बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के समय को बढ़ा दिया गया है. हालांकि अभी यह लागू नहीं हुआ है, सिर्फ हाई पावर्ड टैम्पल मैनेजमेंट कमेटी की उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी ने इसका प्रस्ताव पास किया है. मगर अब मंदिर की टाइमिंग को लेकर विवाद देखा जा रहा है.

मथुरा: जगप्रसिद्ध भगवान श्रीबांके बिहारीजी महाराज के मंदिर में दर्शन समय वृद्धि का मामला नया नहीं है. इस बाबत बीते कई दशकों से लगातार किए जाते रहे प्रयास हरबार नाकाम ही सिद्ध हुए हैं. इस मुद्दे पर एक बार फिर मौजूदा हाई पावर्ड टैम्पल मैनेजमेंट कमेटी की उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी ने भगवान श्री बांके बिहारी जी महाराज की दर्शन समयावधि में वृद्धि करने हेतु प्रस्ताव पास किया है, जिस पर पुनः क़ानूनी लड़ाई होती निश्चित दिखाई दे रही है.

दर्शन समय बढ़ाने पर जहां मंदिर के शयनभोग सेवायत गौरव गोस्वामी ने कमेटी के सभी 13 सदस्यों को कानूनी नोटिस भेजा है. वहीं मथुरा के वकील दीपक शर्मा, गिरधारीलाल और समाजसेवी संजय हरियाणा ने मुंसिफ कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 22 सितंबर को सुनवाई तय की गई है. ठाकुरजी का सेवायत समाज भी इस मामले पर सहमत नहीं हैं और इसे भावसेवा के विपरीत बता रहा है. अधिकांश सेवायत इसे उचित नहीं मानते हुए कहते हैं कि आराध्यप्रभु कोई खिलौना या शोपीस नहीं है, जो दिनभर एक ही स्थान पर खडे रहें.

ठाकुर जी के वरिष्ठ सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने लोकल 18 से बात की. पुजारी कहते हैं कि श्रीबांके बिहारी मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ के दबाव को कम करने हेतु उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी ने ठाकुरजी के दर्शन का समय पूरे दिन में लगभग तीन घंटे बढ़ा दिया है. फलस्वरूप अब ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज सुबह शाम मिलाकर करीब 11 घंटे दर्शन दिया करेंगे. ठाकुरजी की सेवा पूजा के लिए सेवायतों को कुल कितना वक़्त दिया जाएगा, ये अभी घोषित नहीं हुआ है. इस दर्शनवृद्धि में राजभोग और शयनभोग को तो बराबर सेवा अवधि दे दी गई है, लेकिन श्रंगार आरती के समय में कोई विस्तार नहीं किया गया है. जबकि तीनों आरतियों को बराबर वक़्त दिए जाने की मांग पिछले लम्बे समय से चली आ रही है और कोर्ट में भी यह मुद्दा पुरजोर तरीके से उठता रहा है.

इतने घंटे बढ़ा दिया जायेगा बांके बिहारी के दर्शन का समय
इतिहासकार आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी कहते हैं कि यदि प्रभु सेवार्थ राजभोग और शयनभोग पक्ष के सेवाधिकारी जनों को पूर्व की तरह समय आबंटित होगा, तो सम्पूर्ण दिन में श्री बांके बिहारीजी महाराज को 11 घंटे तक भक्तों को दर्शन प्रदान करने के लिए रोजाना अमूमन 15-16 घंटे तक सिंहासन पर खड़ा रहना पड़ेगा, साथ ही विशेष पर्व पर और अधिक समय तक. यह कार्य रसिकशिरमौर श्रीस्वामीहरिदासजी महाराज द्वारा अपने आराध्य नित्यकिशोर स्वरूप श्री बांके बिहारी जी महाराज की सेवार्थ दर्शाई गई निकुंजोपासना विधि से कतई मेल नहीं खाता.

मंदिर के समयवृद्धि के आदेश पर लगाई जाए रोक
इतिहासकार के अनुसार नवंबर 2022 में भगवान श्री बांके बिहारी मंदिर के तत्कालीन प्रशासक/ सिविल जज जूनियर डिवीजन कोमल शुक्ला ने तत्काल प्रभाव से मंदिर के दर्शन समय में बढ़ोतरी करते हुए करीब पौने तीन घंटे का दर्शन समय बढ़ा दिया था. सिविलजज जूनियर डिवीजन द्वारा श्री बांके बिहारी जी के दर्शनों का समय बढ़ाने पर रोक लगबाने की बाबत बिहारीजी के अनेक सेवायतों के साथ ही साथ भक्त अधिवक्ता गिरधारी लाल और अधिवक्ता दीपक शर्मा ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में समय बढ़ाने वाले आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी. इन सभी लोगों ने न्यायाधीश से प्रार्थना करते हुए कहा था कि उक्तादेश हमारे ठाकुर श्री बांके बिहारी जी की भावसेवा के अनुरूप नहीं हैं. न्यायालय द्वारा बढ़ाए गए समय से उनके आराम करने की प्रक्रिया में बाधा पड़ जाएगी. इस कारण समयवृद्धि के आदेश पर रोक लगाई जाए.

वर्ष 2017 में भी उठा था समय में वृद्धि का मुद्दा
इतिहासकार आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी के अनुसार मुंसिफ कोर्ट का आदेश लागू होने से पहले ही उक्त मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी. इस मुक़दमे से पूर्व वर्ष 2017 में भी तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट बसंत लाल और सीओ विजय शंकर मिश्र ने दर्शन की समयावधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था. अदालत ने इस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था. इससे पहले 2005 के करीब मुंसिफ/प्रशासक बुद्धि सागर मिश्र एवं 2002 में मंदिर रिसीवर वीरेंद्र कुमार त्यागी सहित कई रिसीवरों ने आराध्य के दर्शन समय में वृद्धि के प्रयास किए थे. अब पुनः हाई पावर्ड कमेटी उक्त प्रयास कर रही है, जिसमें क़ानूनी दावपेच शुरू हो गए हैं. एक ओर मंदिर के एक सेवायत ने कमेटी सदस्यों को नोटिस भेजे हैं, तो दूसरी ओर मथुरा के तीन लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीज़न की अदालत में वाद दायर कर दिया है, जिससे निकट भविष्य में दर्शन समय वृद्धि के मामले में सफलता की गुंजायश कम दिखाई ही दे रही है.

Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें

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