CBSE 10वीं में वत्सल पांडेय ने किया कमाल, 98.6% अंक लाकर बने सिटी टॉपर, अब बनना चाहते हैं IAS
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CBSE Topper:Local 18 से बातचीत में वत्सल पांडेय ने बताया की वो हर दिन करीब 5 से 6 घण्टे पढ़ाई किया करते थे.इस दौरान वो सब्जेक्ट को बेस करके पढ़ाई किया करते थे.वत्सल सोशल मीडिया के इस दौर में भी खुद को फेसबुक और इ…और पढ़ें
वत्सल पांडेय ने 10 वीं परीक्षा में हासिल किया 98.6 फीसदी मार्क
हाइलाइट्स
- वत्सल पांडेय ने 10वीं में 98.6% अंक प्राप्त किए.
- वत्सल ने हर दिन 5-6 घंटे पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूरी बनाई.
- वत्सल का सपना है IAS अफसर बनकर देश की सेवा करना.
वाराणसी: इन दिनों हर तरफ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं के परीक्षा के रिजल्ट की चर्चा है. रिजल्ट आने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी और कहीं-कहीं थोड़ी मायूसी भी देखने को मिली. इसी बीच वाराणसी के वत्सल पांडेय ने 10वीं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनके स्कूल का नाम रोशन हुआ है, बल्कि उनके घर में भी खुशी का माहौल है.
वत्सल वाराणसी के सनबीम स्कूल, लहरतारा के छात्र हैं. CBSE की आधिकारिक घोषणा के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी सफलता की जानकारी दी और उन्हें बधाई दी.
हर दिन 5 से 6 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी
Local 18 से बातचीत में वत्सल ने बताया कि उन्होंने हर दिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई की और अपनी पढ़ाई को सिलेबस के अनुसार अच्छी तरह से विभाजित किया. खास बात यह रही कि आज के समय में जहां अधिकतर छात्र सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं, वहीं वत्सल ने फेसबुक और इंस्टाग्राम से खुद को पूरी तरह दूर रखा. उन्होंने सिर्फ व्हाट्सएप का इस्तेमाल स्कूल के जरूरी मैसेज पढ़ने के लिए किया.
देश की सेवा का सपना
वत्सल ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य 12वीं में भी अच्छे अंक प्राप्त करना है. भविष्य में वे IAS अफसर बनना चाहते हैं, ताकि प्रशासनिक सेवा के जरिए देश की सेवा कर सकें. लेकिन भारत-पाक सीमा पर चल रहे तनाव को देखकर उनके मन में यह भावना भी है कि वे डिफेंस (रक्षा सेवा) में शामिल होकर भी देश की सेवा करें.
अंक उम्मीद से ज्यादा मिले
वत्सल ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वे 95 प्रतिशत अंक लाएंगे, लेकिन जब 98.6 प्रतिशत अंक आए तो वे खुद भी चौंक गए. उनका मानना है कि अगर कोई लगन और ईमानदारी से मेहनत करे, तो सफलता जरूर मिलती है. वत्सल की यह कहानी आज के छात्रों के लिए प्रेरणा है कि सोशल मीडिया से दूरी, सही टाइम टेबल और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है.

मनीष कुमार पिछले 15 सालों से न्यूज की दुनिया में सक्रिय हैं. रेडियो, टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले 5 साल से News18Hindi में कार्यरत हैं. खेल से राजनीति और फिर ब…और पढ़ें
मनीष कुमार पिछले 15 सालों से न्यूज की दुनिया में सक्रिय हैं. रेडियो, टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले 5 साल से News18Hindi में कार्यरत हैं. खेल से राजनीति और फिर ब… और पढ़ें