Chandauli News: बच्चे जूते हाथ में लेकर जाते हैं स्कूल! चन्दौली की इस सड़क पर कीचड़ का अंबार, जनप्रतिनिधि बेखबर
Last Updated:
Chandauli News: चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर 3 और 9 की टूटी सड़कें, जाम नालियां और गंदा पानी सैकड़ों बच्चों व स्थानीय लोगों के लिए सालों से परेशानी का कारण बनी हैं. बरसात होते ही सड़क और न…और पढ़ें
संक्रमण फैलने का बना रहता है डर
अलीनगर मुगलचक क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 और 9 के बीच की सड़क इसकी सबसे बड़ी मिसाल है. सड़क के एक तरफ की नाली वार्ड नंबर 3 के सभासद के जिम्मे में है, जबकि दूसरी तरफ की नाली वार्ड नंबर 9 के सभासद के जिम्मे आती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10 सालों से यह सड़क बेहद खराब हालत में है. बरसात होते ही सड़क और नाली का फर्क मिट जाता है और राहगीरों को समझना मुश्किल हो जाता है कि कहां सड़क है और कहां नाली. इससे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है.
इस सड़क का भी हो जाए कायाकल्प
स्थानीय लोग बताते हैं कि यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी पर गौशाला और नगर पालिका परिषद का एक गोदाम भी स्थित है. नगर पालिका की गाड़ियां रोज यहां आती-जाती रहती हैं. बावजूद इसके इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया. हजारों लोग यहां रहते हैं और चुनाव के समय नेताओं द्वारा वोट भी इन्हीं से मांगे जाते हैं. फिर भी आज तक उनकी परेशानी अनदेखी की जाती रही. स्थानीय लोग अब भी इस उम्मीद में हैं कि कभी तो उनकी सड़क का कायाकल्प होगा और परेशानी खत्म होगी.
स्थानीय निवासी नीता गुप्ता ने लोकल 18 से कहा कि यह सड़क करीब 20 साल पहले बनी थी लेकिन उसके बाद से आज तक कोई मरम्मत नहीं हुई. कई बार वार्ड सदस्य से मरम्मत की मांग की गई लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला. यह सड़क बच्चों के स्कूल जाने का प्रमुख रास्ता है, जहां से रोज करीब एक हजार से बारह सौ बच्चे गुजरते हैं. बारिश में कीचड़ और पानी भर जाने के कारण बच्चे अक्सर अपने जूते-मोजे हाथ में लेकर स्कूल जाते हैं.
नीता गुप्ता ने यह भी कहा कि यहां नगर पालिका का गोदाम और गौशाला दोनों मौजूद हैं. पालिका की गाड़ियां रोज यहां आती-जाती हैं लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इस सड़क की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया.
स्थानीय निवासी आजाद सिंह पटेल ने बताया कि यह सड़क वार्ड नंबर 3 और 9 के बीच स्थित है और बीते 10 वर्षों से यहां नाली का गंदा पानी जमा रहता है. बरसात के मौसम में यह पानी घरों में तक घुस जाता है. रात में सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है. कई लोग यहां गिरकर गंभीर चोटें खा चुके हैं. इस सड़क से जुड़े एक प्राइवेट और दो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों को रोजाना इस दुश्वारी से गुजरना पड़ता है.
यह भी पढ़ें: कमाल का है ये पेड़! फल, पत्तों से लेकर तने तक हर हिस्सा है संजीवनी, इसमें छुपा है डेंगू-मलेरिया का रामबाण इलाज
जनता की समस्या से कोई मतलब नहीं
एक और स्थानीय निवासी एनके गुप्ता ने लोकल 18 से कहा कि नालियों से हमेशा बदबू आती है जिससे बीमारी फैलने का खतरा रहता है. यहां रहना बेहद मुश्किल हो गया है. बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. वहीं, राहगीर शाहिद ने बताया कि सड़क की शिकायत कई बार की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे सिर्फ वोट मांगने आते हैं, लेकिन जनता की समस्या से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है.