Farming tips: एक खेत, दो फसल… ऐसे करें अमरूद के साथ फूलगोभी की सफल खेती, मुनाफा होगा डबल
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Guava and cauliflower farming tips: किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ पिंक ताइवान अमरूद की बागवानी भी कर रहे हैं, अमरूद के बाग में खाली जगह का इस्तेमाल अब सितंबर महीने में गोभी की खेती के लिए कर सकते हैं. डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि किसान हाई डेंसिटी बागवानी में खाली जगह का उपयोग फूलगोभी की फसल लगाकर अतिरिक्त आय के लिए कर सकते हैं, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा.
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक का कहना है कि किसान अमरूद का बाग हाई डेंसिटी पर लगाते हैं. दो लाइनों के बीच 6 से 7 फीट तक की दूरी रहती है. इस खाली पड़ी जगह को किसान बेहतर तरीके से उपयोग कर अतिरिक्त नहीं ले सकते हैं. सितंबर का महीना चल रहा है और यह समय फूलगोभी की रोपाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. किसान अमरूद के बाग में फूलगोभी लगाकर अच्छा उत्पादन ले सकते हैं. फूलगोभी की रोपाई के लिए किसान उन्नत किस्मों का चयन करें.
अमरूद के बाग में पर्याप्त नमी रहते ही बाग की जुताई कर दें. पॉवर वीडर से जुताई करें, अगर किसानों के पास छोटा ट्रैक्टर उपलब्ध हो तो उससे भी जुताई कर सकते हैं. मिट्टी को भुरभुरा बना लें, अंतिम जुताई करते समय गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मी कंपोस्ट को मिट्टी में मिला दें. ऐसा करने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता में इजाफा होगा. खेत को तैयार करने के बाद बेड बना कर फूलगोभी की रोपाई कर सकते हैं, ध्यान रखें पौध ज्यादा पुरानी न हो.
इन बातों का भी रखें ध्यान
फूलगोभी की रोपाई करते समय पौधे से पौधे और लाइन से लाइन की दूरी का ध्यान रखें. पौधे से पौधा 45 सेंटीमीटर और लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर रखें. ध्यान रखें पौध 25 दिन से ज्यादा की न हो. रोपाई के बाद सीधे सिंचाई न करें, अगर संभव हो तो मिनी स्प्रिंकलर से सिंचाई करें, ऐसा करने से पौधों की ग्रोथ तेजी के साथ होगी, और पानी की भी बचत होगी. पैदा होने वाली उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी, फसल में रोग कम आयेंगे.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 7 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें
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