Ground Report Chitrakoot : बरदहा नदी में उफान, अकेले पड़े दर्जनों गांव, लहरों में फंसी गर्भवती
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Chitrakoot Ground Report : यूपी में नदियों ने तांडव मचा रखा है. चित्रकूट की बरदहा नदी में आए उफान से दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट चुका है. चार दिन बीत जाने के बाद भी नदी का रौद्र रूप जस का तस है.
चित्रकूट. यूपी के कई हिस्सों में नदियों ने तांडव मचा रखा है. चित्रकूट जिले की धर्मनगरी में तीन दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश ने जहां शहरी क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया, ग्रामीण पाठा क्षेत्र के लोग आज भी परेशान हैं. बरदहा नदी में आए उफान के चलते मानिकपुर तहसील के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है. चार दिन बीत जाने के बाद भी नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ है. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं.
डरा रहा तेज बहाव
लोकल 18 की टीम जब मौके पर पहुंची तो हालात चौंकाने वाले थे. नदी के ऊपर बना रपटा अब भी तेज बहाव से डूबा हुआ है. स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर इसी के ऊपर से नदी पार कर रहे हैं. इसी दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो गांव के युवक उसे हाथ पकड़कर नदी पार कराते नजर आए. यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन ये कोई फिल्म नहीं. ये हकीकत चित्रकूट के पाठा क्षेत्र बरदहा नदी के पास रहने वाले लोगों की है.
बीमारों को नहीं मिल रही मदद
नदी के किनारे मौजूद ग्रामीणों पंकज, राममूरत और चमरौहा गांव के लोगों ने बताया कि सकरौहा, चमरौहा जैसे दर्जनों गांवों का आवागमन पूरी तरह से बाधित है. बीमार लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. स्कूल के छात्र भी घरों में कैद हैं. लोगों को जरूरी काम से जाने पर भी एक-दूसरे का सहारा लेकर तेज बहाव में नदी पार करनी पड़ रही है.
सरकारी अमला नदारद
ग्रामीणों का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया है. बरदहा नदी पर पुल बनवाने की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है. बारिश के मौसम में हर साल यही हाल होता है. लोग बारिश के दौरान घरों में कैद होकर, जैसे-तैसे दिन काटते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि हर साल बरसात में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.