IAS बनकर किसने बनाया ‘भौकाल’, किसने मांगे लाखों? 5 ठगों की हैरान करने वाली कहानी
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Fake IAS Story: देश में खुद को फर्जी IAS अधिकारी बताकर ठगी, धौंस और धोखाधड़ी करने वाले शातिर जालसाजों के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं. खगड़िया में अजित डोभाल का कथित अंडरकवर एजेंट बनकर घूम रहे फर्जी अधिकारी के घर से भारत सरकार के बोर्ड लगी टेस्ला कार बरामद हुई, तो वहीं बरेली में एक महिला ने खुद को फर्जी IAS बताकर 40 लाख रुपये की ठगी कर शादी तक रचा ली.
IAS बनने का सपना देखने वालों की कमी नहीं, लेकिन जब कोई बिना UPSC पास किए ही अफसर बनकर रौब गांठने लगे तो मामला चौंकाने वाला हो जाता है. हाल के महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से फर्जी IAS अधिकारियों के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने कभी सरकारी अफसर बनकर लोगों पर प्रभाव जमाया, तो कभी नौकरी और शादी के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपये का जाल बिछाया. किसी ने महंगी कार पर सरकारी बोर्ड लगाकर अपना रुतबा दिखाया, तो किसी ने अस्पताल में पहुंचकर खुद को बड़ा अधिकारी बताकर बैठक तक कर डाली। जांच आगे बढ़ी तो इन ‘अफसरों’ की असली पहचान सामने आ गई. देखिए ऐसे ही 5 कथित फर्जी IAS की कहानी, जिन्होंने असली अफसरों की तरह दिखने के लिए पूरा तामझाम खड़ा कर लिया था.
बिहार के खगड़िया में पुलिस ने मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू को कथित तौर पर फर्जी IAS अधिकारी बनने के आरोप में गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताता था. उसके घर से कथित तौर पर टेस्ला कार, टाटा सफारी, विदेशी शराब, कई मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद हुए. टेस्ला पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड भी लगा है.
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई है. सिंह ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की और 9 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया.
उत्तर प्रदेश के बरेली में साधना नाम की महिला पर खुद को IAS अधिकारी बताकर शादी करने का आरोप लगा. पुलिस के मुताबिक उसने सोशल मीडिया पर IAS अधिकारी होने से जुड़ी कथित फर्जी तस्वीरें और वीडियो भी लगाए थे. शिकायतकर्ता पति का आरोप है कि शादी के बाद उससे और उसके परिवार से 40 लाख रुपये की मांग की गई और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया गया. जांच में महिला के IAS होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने खुद को BSc तक पढ़ा बताया.
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ओडिशा के भुवनेश्वर में पुलिस ने रबिनारायण दास को कथित तौर पर वरिष्ठ/प्रमोटेड IAS अधिकारी बनकर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार उसने एक नौकरी के इच्छुक व्यक्ति को ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (OMC) में डिप्टी जनरल मैनेजर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया. शिकायतकर्ता से अलग-अलग मौकों पर 20 लाख रुपये लिए गए. आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति और इंटरव्यू लेटर भी दिए. जांच में उसके खिलाफ पहले के एक नौकरी धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड मामले का भी पता चलने की बात पुलिस ने कही.
कर्नाटक के मिथुन पर खुद को 2023 बैच का IAS अधिकारी बताने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक उसने सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों को प्रभावित करने के लिए अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और एक मेडिकल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर 41 लाख रुपये की ठगी की. चौंकाने वाली बात यह रही कि वह खुद को NHM का कमिश्नर बताकर चिक्कमगलुरु जिला अस्पताल में कर्मचारियों के साथ बैठकें तक करता था. उसकी तस्वीरें अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सामने आने के बाद मामला और चर्चित हुआ. पुलिस को उसके दूसरे पीड़ितों के भी होने का शक है.
मेरठ में राहुल कौशिक को खुद को 2008 बैच का IAS अधिकारी और भारत सरकार का डिप्टी सेक्रेटरी बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक वह नशे की हालत में पुलिस कंट्रोल रूम और अधिकारियों को फोन कर अपना रौब दिखा रहा था. वह कथित तौर पर अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान और बोर्ड का इस्तेमाल कर रहा था. पुलिस की जांच में उसके IAS अधिकारी होने का दावा गलत पाया गया. इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा गया.