India Pakistan War: तनाव बढ़ा तो आगरा तैयार! अस्पतालों से लेकर एम्बुलेंस तक सब ऑन अलर्ट
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India Pakistan War: भारत-पाक तनाव के चलते आगरा में स्वास्थ्य सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं. डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द, 10 सेक्टरों में RRT तैनात, 42 एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर. प्राइवेट अस्पताल भी तैयार.
सीएमओ आगरा
हाइलाइट्स
- स्वास्थ्य सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं.
- आगरा को 10 सेक्टरों में बांटा गया है.
- 108 सेवा की 42 एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर हैं.
आगरा: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. सबसे पहले सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी वक्त सेवा में बुलाया जा सके.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा शहर को 10 सेक्टरों में बांटा गया है. हर सेक्टर में एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) तैनात की गई है. हर टीम में दो डॉक्टर और चार पैरामेडिकल स्टाफ होंगे जो तुरंत इलाज देने में सक्षम हैं. जिला स्तर पर तीन अलग-अलग विशेष मेडिकल टीमें बनाई गई हैं, जिनमें एनेस्थेसिया और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ दो पैरामेडिकल कर्मचारी होंगे.
दवाएं और मेडिकल संसाधन तैयार
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ज़रूरी दवाइयों और इंजेक्शनों का भरपूर स्टॉक पहले से मौजूद है. 20 मेडिकल किट तैयार की गई हैं, जिनमें 10 रैपिड रिस्पॉन्स टीमों के पास और 10 कंट्रोल रूम में रहेंगी. कंट्रोल रूम सीएमओ के आवास पर स्थापित किया जाएगा. सभी स्टाफ नर्सों को अलर्ट कर दिया गया है और ब्लॉक स्तर पर भी तैयारी पूरी है. हर ब्लॉक में 10-10 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
एम्बुलेंस और बाइक टीम भी एक्टिव
आपात स्थिति में तेजी से रिस्पॉन्स देने के लिए 108 सेवा की 42 एम्बुलेंस, ALS की 4 और 102 सेवा की 36 एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है. इसके अलावा 20 मोटरसाइकिल भी तैनात की गई हैं, ताकि संकरी गलियों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में जल्दी पहुंचा जा सके.
प्राइवेट अस्पताल और अस्थायी व्यवस्था
एक से तीन किलोमीटर के दायरे में 30 प्राइवेट अस्पतालों को भी तैयार रहने का आदेश दिया गया है. इन अस्पतालों में 10-10 बेड, एक ऑपरेशन थिएटर और दो वेंटिलेटर बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी बड़ी स्थिति में घायलों को तुरंत इलाज मिल सके.
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
सीएमओ ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. लोगों से कहा गया है कि वे दवाइयां, टॉर्च, फर्स्ट एड बॉक्स जैसे जरूरी सामान अपने पास रखें. किसी हमले या सायरन की स्थिति में घबराएं नहीं और सरकारी निर्देशों का पालन करें. प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग हो तो बेहतर है, ताकि जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों की मदद की जा सके.

मनीष कुमार पिछले 15 सालों से न्यूज की दुनिया में सक्रिय हैं. रेडियो, टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले 5 साल से News18Hindi में कार्यरत हैं. खेल से राजनीति और फिर ब…और पढ़ें
मनीष कुमार पिछले 15 सालों से न्यूज की दुनिया में सक्रिय हैं. रेडियो, टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले 5 साल से News18Hindi में कार्यरत हैं. खेल से राजनीति और फिर ब… और पढ़ें