IPL से वर्ल्ड कप तक… वाराणसी का नया स्टेडियम बनेगा क्रिकेट का महाकेंद्र
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Varanasi International Cricket Stadium: वाराणसी में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सिर्फ एक खेल परिसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का अद्भुत संगम बनने जा रहा है. भगवान शिव की थीम पर तैयार हो रहा यह विश्वस्तरीय स्टेडियम अपनी अनोखी डिजाइन और भव्यता के कारण दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. तेजी से आकार ले रहे इस प्रोजेक्ट का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसके तैयार होने के बाद काशी को खेल जगत में एक नई पहचान मिलेगी.
गंजारी में बन रहे इस भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. स्टेडियम का रूफ अब तेजी से तैयार किया जा रहा है, जबकि विशाल स्कोरबोर्ड के लिए पैनल लगाने का काम भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है. भगवान शिव के डमरू की थीम पर बनाया जा रहा मीडिया सेंटर भी अब पूरी तरह आकार लेने लगा है. इसके अलावा स्टेडियम के ग्राउंड को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. मैदान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में यहां बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का आयोजन किया जा सके.

इस स्टेडियम की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स हैं, जिन्हें पूरे परिसर के चारों ओर स्थापित किया गया है. भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल से प्रेरित ये फ्लडलाइट्स स्टेडियम को एक अलग और आकर्षक पहचान देती हैं. रोशनी के साथ इनकी भव्य बनावट स्टेडियम की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती है. काशी में बन रहा यह स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा और भारत के पहले ऐसे क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल होगा, जहां त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स लगाई गई हैं. यही अनूठी डिजाइन इसे केवल एक खेल मैदान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आधुनिक खेल सुविधाओं का प्रतीक बनाती है.

स्टेडियम ही नहीं, बल्कि यहां तक पहुंचने वाले मार्ग को भी भगवान शिव की थीम के अनुरूप विकसित किया गया है. इस सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट्स में डमरू और त्रिशूल की आकर्षक आकृतियां देखने को मिलती हैं, जो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान करती हैं. स्टेडियम की ओर बढ़ते ही खिलाड़ियों, दर्शकों और पर्यटकों को काशी की धार्मिक विरासत का एहसास होने लगेगा. सड़क से लेकर स्टेडियम परिसर तक हर जगह शिव तत्वों की झलक इस परियोजना को अन्य खेल परिसरों से अलग और बेहद खास बनाती है.
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इस स्टेडियम का करीब 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इसे अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है. खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए यहां अत्याधुनिक प्रैक्टिस पिच भी तैयार की गई है. वहीं दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शक दीर्घा में आरामदायक कुर्सियां लगाई जा चुकी हैं. प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य इसी साल जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वाराणसी के जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार के अनुसार स्टेडियम निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर महीने इसकी रिपोर्ट शासन के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेजी जा रही है.

स्टेडियम निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और कार्यों का जायजा ले रहे हैं. निर्माण से जुड़े सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे हों, इसके लिए लगातार निगरानी भी की जा रही है. वाराणसी में बन रहा यह क्रिकेट स्टेडियम उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा, जो अपनी अनोखी शिव-थीम आधारित डिजाइन के कारण देश-दुनिया में अलग पहचान बनाएगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां बड़े क्रिकेट टूर्नामेंटों के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी. माना जा रहा है कि इसी साल के अंत तक इस स्टेडियम में आईपीएल और विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित मुकाबलों की मेजबानी की जा सकती है, जिससे काशी का नाम वैश्विक क्रिकेट मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा.

वाराणसी में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम केवल खेल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक वास्तुकला और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगा. माना जा रहा है कि यह दुनिया का पहला ऐसा क्रिकेट स्टेडियम होगा, जहां आधुनिक खेल अवसंरचना के साथ भगवान शिव और काशी की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता से उकेरा गया है. पूरे स्टेडियम को भगवान शिव की थीम पर विकसित किया जा रहा है. इसके भव्य प्रवेश द्वार पर बेलपत्र, रुद्राक्ष और त्रिशूल की आकृतियां श्रद्धा और आध्यात्मिकता का संदेश देंगी. वहीं स्टेडियम के भीतर बनी सीढ़ियां काशी के प्रसिद्ध घाटों की सीढ़ियों का एहसास कराएंगी, जिससे यहां आने वाले दर्शकों और खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ काशी की सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव होगा.

बता दें कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी. काशी की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक खेल सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे इस स्टेडियम पर कुल 451 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. इसमें से लगभग 330 करोड़ रुपये स्टेडियम के निर्माण कार्य पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि 121 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर व्यय किए गए हैं. अत्याधुनिक सुविधाओं और अनूठी शिव-थीम आधारित डिजाइन के साथ तैयार हो रहा यह स्टेडियम भविष्य में वाराणसी को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की देखरेख में गंजारी में इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम तैयार होने के बाद न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के युवा क्रिकेटरों के लिए भी बड़ी सौगात साबित होगा. इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली पिच, अभ्यास सुविधाएं और विश्वस्तरीय खेल वातावरण मिलेगा. इससे पूर्वांचल और आसपास के राज्यों के उभरते क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और बड़े मुकाबलों की तैयारी का अवसर मिलेगा, जो उनके खेल करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.