Lucknow Circle Rate : लखनऊ में नए सर्किल रेट में कौन सा इलाका हो गया सबसे महंगा.. सस्ते में कहां ले सकते हैं जमीन.. जान लें डिटेल्ड
लखनऊ हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि 1 अगस्त से लखनऊ शहर और इसके ग्रामीण इलाकों में नया सर्किल रेट लागू हो गया है. इसकी लिस्ट 1 अगस्त को जारी कर दी गई है. उन्होंने बताया कि पूरे 10 साल बाद नया सर्किल रेट लागू किया गया है. इससे पहले साल 2015 में सर्किल रेट लागू हुआ था. पिछले 10 सालों में लखनऊ में बड़ा बदलाव हुआ है, लोगों का निवेश लखनऊ में बढ़ गया है, इसीलिए राजधानी का पूरा निरीक्षण करने के बाद नए सर्किल रेट लागू किया गया है.
नए सर्किल रेट में कहीं पर 15%, कहीं पर 25% तो कहीं पर 35% तक सर्किल रेट में बढ़ोतरी हुई है.सबसे महंगा गोमती नगर हुआ है. यहां पहले आरसीसी (RCC) कंस्ट्रक्शन का रेट 12000 से 15000 तक था, अब इसे बढ़ाकर 18000 स्क्वायर मीटर तक कर दिया गया है. दूसरी तरह के कंस्ट्रक्शन रेट में भी बढ़ोतरी करते हुए इसकी कीमतों को 12000 तक कर दिया गया है. कमर्शियल रेट पूरे लखनऊ में बढ़ाए गए हैं. कुल मिलाकर लखनऊ के गोमती नगर में सर्किल रेट 77000 प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गया है.
यह इलाके भी हुए महंगे
कुलदीप सिंह ने बताया कि गोमती नगर के बाद सबसे ज्यादा महंगे लखनऊ के जो इलाके हुए हैं उनमें महानगर में 41000 से 65000, इंदिरा नगर में 35000 से 62000 तक की दरें तय की गई हैं. नए रेट में कृषि भूमि पर 15%, व्यावसायिक पर 25% और बहुमंजिला भवनों पर 20% तक की बढ़ोतरी की गई है. कार्यालय, गोदाम और दुकान पर औसतन 20% की वृद्धि की गई है.
उन्होंने बताया कि गोसाईगंज, सिद्धपुरा, मगहुआ, और बक्कास के पीछे चौरहिया जैसे गांवों में प्लॉटिंग की रफ्तार को देखते हुए सर्किल रेट में बड़ा बदलाव किया गया. पहले इन इलाकों में सर्किल रेट 200-250 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जबकि बाजार में प्लॉट 3000-4000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बिक रहे थे. अब यहां पर सर्किल रेट 2200 से 4000 रुपये कर दिया गया है. निगोहां के टोल प्लाजा के पास दयालपुर, नन्दौली, हरिनामखेडा, और दुलारखेडा जैसे गांवों में भी सर्किल रेट 2200 से 4000 रुपये तय किया गया है. ग्रामीण इलाकों की कीमतों में पहली बार इतनी ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा रही है.
महिलाओं के लिए बढ़ी छूट की सीमा
नए सर्किल रेट में महिलाओं के लिए बड़ी राहत दी गई है. पहले 10 लाख रुपए तक की मालियत पर 1% की छूट मिलती थी जिसे बढ़ाकर नए सर्किल रेट में 1 करोड़ रुपए तक कर दिया गया है. अगर महिला के नाम पर रजिस्ट्री कोई करवाता है 1 करोड़ रुपए तक की तो केवल 6% ही स्टाम्प शुल्क देना पड़ेगा. पहले यह 7% देना पड़ता था.
इन लोगों को होगा फायदा
कुलदीप सिंह ने बताया कि इससे उनलोगों को नुकसान होगा जो नई प्रॉपर्टी, दुकान या ऑफिस खरीदने के बारे में सोच रहे हैं. उन्हें अब लखनऊ में घर बनवाने से लेकर घर खरीदने तक में ज्यादा रकम चुकानी होगी, जिससे उनका घर का बजट बिगड़ेगा और उनकी जेब पर सीधे तौर पर असर पड़ेगा. बात करें फायदे की तो फायदा उन्हें होगा जिनकी प्रॉपर्टी लखनऊ में है. उनकी प्रॉपर्टी की कीमतें अब बढ़ जाएंगी. महंगी कीमतों पर वो अपनी प्रॉपर्टी को बेच सकेंगे. वहीं सरकार का राजस्व बढ़ेगा जिसका इस्तेमाल सरकार उत्तर प्रदेश के विकास में कर सकेगी.