Mathura ground report: बाढ़ से गांव वीरान, पलायन को ग्रामीण मजबूर; किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद

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Mathura ground report: बाढ़ से गांव वीरान, पलायन को ग्रामीण मजबूर; किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद


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Mathura Ground Report: मथुरा जनपद के ग्रामीण क्षेत्र भी अब शहरी इलाकों की तरह बाढ़ की चपेट में आने लगे है. गोवर्धन तहसील के अंतर्गत आने वाला गांव फोडर नगला कंजा इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है. गांव के अधि…और पढ़ें

Mathura Ground Report: उत्तर प्रदेश के मथुरा में लोग बाढ़ से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. गोवर्धन विधानसभा के दर्जनों गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं और गांवों में भी पानी घुस गया है. पानी घुसने के कारण सैकड़ों लोग पलायन कर गए हैं. गोवर्धन विधानसभा के नगला कंजा में बाढ़ से बदतर हालात बने हुए हैं. सैकड़ों ग्रामीण घरों में पानी घुसने से पलायन कर दूसरी जगह चले गए हैं. स्थानीय विधायक मेघश्याम को यहां के लोग कोसते हुए नजर आए.

किसानों की हजारों बीघा कृषि भूमि तालाब में तब्दील हो चुकी है. लोकल 18 की टीम ग्राउंड जीरो पर गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के गांव नगला गंज में पहुंची और वहां के हालात का जायजा लिया. मथुरा जनपद के ग्रामीण क्षेत्र भी अब शहरी इलाकों की तरह बाढ़ की चपेट में आने लगे है. गोवर्धन तहसील के अंतर्गत आने वाला गांव फोडर नगला कंजा इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है. गांव के अधिकांश घरों में पानी भर गया है और किसानों की हजारों बीघा कृषि भूमि तालाब में तब्दील हो चुकी है. स्थिति इतनी भयावह है कि सैकड़ों ग्रामीण अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों या गांव के बाहर अन्य सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं.

भारी नुकसान उठाने को मजबूर
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है. पिछले पांच वर्षों से बरसात के मौसम में गांव हर बार इसी तरह जलमग्न हो जाता है. बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो कोई पुख्ता इंतजाम किए गए और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला गया. जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल गांव वाले भारी नुकसान उठाने को मजबूर हैं. प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक सहायता और स्थायी समाधान की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले है.

सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
लोकल 18 से बातचीत के दौरान ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में हालात और भी भयावह हो सकते है. स्थानीय निवासी धूरिया ने कहा कि विधायक मेघ श्याम जब से जीतकर गए हैं, तब से गांव की सूरत नहीं देखी है. विकास कार्यों की बात तो छोड़ ही दीजिए. गिर्राज सिंह का कहना है कि पाली गांव की ओर से नहर आती है और उस नहर का पानी यहां छोड़ दिया गया है. सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है. किसानों के घरों में पानी घुस गया है और खाने-पीने की चीजों का अभाव हो गया है. गांव की आधी आबादी जलमग्न होने से पलायन कर गई है. कोई अधिकारी आते नहीं है.

Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 7 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें

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