NCERT पर फोकस, कॉन्सेप्ट को किया मजबूत… किसान का बेटा NEET एग्जाम में सफल
नोएडा: नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर में सफल अभ्यर्थियों की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है. इसी कड़ी में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 55 हासिल करने वाले रविकांत दिवाकर ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत, सही रणनीति और कॉन्सेप्ट की मजबूत समझ को दिया है.
लोकल18 से खास बातचीत में रविकांत ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के सारण जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में पटना में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. रविकांत ने इसी साल 12वीं की परीक्षा भी अच्छे अंकों के साथ पास की है. वह पिछले दो सालों से NEET की तैयारी कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई पर लगातार फोकस बनाए रखा.
मां के सपने को रविकांत कर रहे पूरा
रविकांत ने बातचीत में अपने परिवार और डॉक्टर बनने के सपने के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि उनके पिता पहले खेती का काम करते थे, लेकिन अब कोई काम नहीं करते हैं, जबकि उनकी मां शिक्षिका हैं. उनके माता-पिता का सपना था कि उनके सभी बच्चे डॉक्टर बनें. रविकांत के बड़े भाई पहले से ही पटना मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि उनकी बहन भी NEET की तैयारी कर रही है. ऐसे में परिवार में डॉक्टर बनने का सपना अब एक कदम और आगे बढ़ा है. रविकांत ने बताया कि NEET की तैयारी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी. इन्होंने बताया घंटों पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि किस विषय को किस तरीके से पढ़ना है.
Re-NEET को अवसर की तरह देखा
RE-NEET परीक्षा के सवाल पर रविकांत ने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस पूरे मामले से काफी दुख हुआ था. हालांकि, उन्होंने दोबारा परीक्षा के लिए मिले ज्यादा समय को एक अवसर के रूप में लिया और अपनी तैयारी को पहले से और मजबूत करने पर ध्यान दिया. रविकांत ने बताया कि वह PhysicsWallah के माध्यम से ऑनलाइन NEET की तैयारी कर रहे थे.
उनके मुताबिक, पहला पेपर दूसरे पेपर की तुलना में काफी आसान था. अगर पहले पेपर के आधार पर ही परिणाम आता तो उनके अंक अच्छे रहते, लेकिन उनकी रैंक करीब एक हजार के आसपास हो सकती थी. दूसरा पेपर कठिन था, लेकिन तैयारी का फायदा उन्हें मिला और उन्होंने AIR 55 हासिल की.
रविकांत ने छात्रों को दी सलाह
रविकांत ने NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें लगातार मेहनत करते रहना चाहिए और सबसे पहले अपने कॉन्सेप्ट को मजबूत करना चाहिए. उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान NCERT को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और नियमित रूप से अपने बनाए हुए नोट्स को भी पढ़ना चाहिए. उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान फेलियर या निराशा का दौर आ सकता है, लेकिन इससे घबराने के बजाय अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारना चाहिए.
फैकल्टी मेंबर ने भी माना री-नीट वाला पेपर कठिन
इस मौके पर Physics Wallah के फैकल्टी मेंबर विपिन कुमार शर्मा ने भी NEET की दोबारा परीक्षा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि री-नीट की प्रक्रिया से कुछ छात्रों को अपनी तैयारी और प्रदर्शन सुधारने का अवसर मिला, जबकि कुछ छात्र इससे नाराज भी नजर आए. उनके मुताबिक, दोबारा आयोजित किया गया पेपर पहले पेपर से बिल्कुल अलग और कठिन था. हालांकि, जिन छात्रों ने कॉन्सेप्ट पर अच्छी पकड़ बनाई थी, उन्होंने कठिन पेपर में भी बेहतर प्रदर्शन किया.
टॉप 500 के छात्रों ने रखी अपनी प्रतिक्रिया
Physics Wallah के कार्यक्रम में रविकांत दिवाकर (AIR 55), अंकित गुप्ता (AIR 248), निशिता (AIR 258), सक्षम भंडारी (AIR 321) और खतीब आफताब (AIR 439) समेत कई सफल छात्र मौजूद रहे. टॉप 500 में जगह बनाने वाले कई अन्य छात्र अपने-अपने शहरों से ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े. शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर इन शानदार परिणामों का जश्न मनाया.
रविकांत ने अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि PW के बैचेस ने उनकी कई उलझनों को दूर किया और शिक्षकों ने कॉन्सेप्ट को इतनी आसानी से समझाया कि उन्हें केवल फॉर्मूले याद करने के बजाय उनके पीछे की सोच समझने में मदद मिली. वहीं, AIR 258 हासिल करने वाली निशिता ने कहा कि रोजाना होने वाले प्रैक्टिस टेस्ट ने उनकी तैयारी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई