NEET कल, मगर MBBS छात्रों की छुट्टियां क्यों हो गई रद्द? हॉल में रहेंगे नजरबंद
NEET Re-Exam: नीट (NEET) का दोबारा परीक्षा रविवार को आयोजित हो रही है. इसके लिए सरकार और प्रशासन वो सभी कदम उठा रहे हैं, जिससे पेपर लीक को रोका जा सके. इसी क्रम में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. साथ ही सरकार ने इस बार सीधे ‘सॉल्वर गैंग’ की रीढ़ की हड्डी पर चोट करने का प्लान बनाया है. सॉल्वर गैंग द्वारा मेधावी मेडिकल छात्रों को मोटी रकम का लालच देकर फर्जी परीक्षार्थी रूप में बिठाने के खेल को रोकने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है. नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, परीक्षा के दिन देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे एमबीबीएस (MBBS) छात्रों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और परीक्षा के दौरान उन्हें अनिवार्य रूप से कॉलेज के हॉल में ही मौजूद रहना होगा.
पिछले कुछ वर्षों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि नीट परीक्षा में बैठने वाले ‘सॉल्वर गैंग’ के मुख्य मोहरे विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे एमबीबीएस के छात्र ही होते हैं. ये गिरोह गरीब या औसत पृष्ठभूमि के मेधावी छात्रों को लाखों रुपये का लालच देते हैं, जिसके बाद ये छात्र असली अभ्यर्थियों की जगह फर्जी पहचान पत्र बनाकर परीक्षा केंद्रों में बैठ जाते हैं और परीक्षा पास करवा देते हैं.
सारे लूपहोल को रोकने की कोशिश
इस बार इस लूपहोल को पूरी तरह बंद करने के लिए प्रशासन ने सीधे सोर्स पर ही नकेल कस दी है. अधिकारियों का मानना है कि यदि परीक्षा के उन विशेष घंटों के दौरान सभी एमबीबीएस छात्रों की लोकेशन को उनके अपने ही कॉलेजों में लॉक कर दिया जाए, तो देश भर में सक्रिय सॉल्वर गैंग को एक भी ‘सॉल्वर’ (हल करने वाला) उपलब्ध नहीं हो पाएगा.
कॉलेजों में ‘अघोषित लॉकडाउन’
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के समन्वय से जारी इस नए नियम के तहत परीक्षा के दिन सभी मेडिकल कॉलेजों में एक विशेष अनुशासन लागू रहेगा:
- परिसर छोड़ने पर पूरी पाबंदी: परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले और परीक्षा समाप्त होने के एक घंटे बाद तक किसी भी एमबीबीएस छात्र को कॉलेज परिसर या आवंटित हॉल से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी.
- अनिवार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस: छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा के दौरान कम से कम तीन बार अचानक और अनिवार्य बायोमेट्रिक हाजिरी ली जाएगी.
- औचक निरीक्षण: जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परीक्षा के दौरान अचानक मेडिकल कॉलेजों के हॉस्टलों और हॉलों का दौरा करेंगे ताकि कोई भी छात्र प्रॉक्सी के रूप में बाहर न जा सके.
नियम तोड़ने पर करियर हमेशा के लिए खत्म
प्रशासन ने चेतावनी जारे करते हुए कहा कि इसे बेहद गंभीरता से लिया जाए. यदि कोई भी एमबीबीएस छात्र परीक्षा के दिन बिना किसी बेहद ठोस या पूर्व-स्वीकृत चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) के अपने कॉलेज या हॉल से गायब पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बेहद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
ऐसे संदिग्ध छात्रों के खिलाफ न केवल भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सीधे धोखाधड़ी और जालसाजी की एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी, बल्कि चिकित्सा परिषद द्वारा उनका पंजीकरण और कॉलेज से उनका दाखिला हमेशा के लिए रद्द (Expulsion) कर दिया जाएगा. सरकार के इस अप्रत्याशित और कड़े कदम ने जहां परीक्षा माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, वहीं देश के लाखों ईमानदार नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है.
नीट परीक्षा में धांधली रोकने के लिए एमबीबीएस छात्रों पर क्या बड़ी पाबंदी लगाई गई है?
परीक्षा की पूरी अवधि के दौरान सभी एमबीबीएस छात्रों को अनिवार्य रूप से अपने कॉलेज के हॉल या परिसर के भीतर ही रहना होगा.
क्या इस आदेश के तहत मेडिकल कॉलेजों के छात्रों की छुट्टियों पर भी कोई असर पड़ा है?
हां, परीक्षा के दिन और उससे ठीक पहले सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों की छुट्टियां पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं.
सॉल्वर गैंग आमतौर पर मेडिकल छात्रों का इस्तेमाल किस गैर-कानूनी काम के लिए करता है?
सॉल्वर गैंग इन मेधावी छात्रों को मोटी रकम देकर असली अभ्यर्थियों की जगह ‘फर्जी परीक्षार्थी’ (Proxy Candidate) बनाकर बिठाता है.
परीक्षा के दौरान मेडिकल छात्रों की उपस्थिति की जांच किस तकनीक से की जाएगी?
छात्रों की उपस्थिति को पुख्ता करने के लिए परीक्षा के दौरान कई बार अनिवार्य बायोमेट्रिक हाजिरी और फेस-रिकग्निशन का इस्तेमाल होगा.