Success Story: लड़का कर रहा था मजदूरी, टीचर का आया फोन- तुमने NEET पास कर लिया, अब करेगा MBBS
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NEET Success Story, MBBS Admission: यह एक ऐसे गरीब परिवार के लड़के की कहानी है, जो मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था, लेकिन किस्मत ने ऐसी करवट ली कि उसने अपनी मेहनत के दम पर नीट परीक्षा पास कर ली…
MBBS, NEET, Success Story: एक मजदूर युवा ने कैसे पास की नीट की परीक्षा?Shubham Sabar ki kahani: बेंगलुरु में करता था मजदूरी
शुभम सबर ओडिशा के खुरदा जिले के बानपुर ब्लॉक के मुदुलिधिया गांव से हैं.यहां उनका परिवार बेहद गरीब हालत में रहता है लेकिन शुभम का सपना डॉक्टर बनने का था लिहाजा उसने 12वीं तक जमकर पढाई की और इस उम्मीद से नीट की परीक्षा दी कि शायद कहीं उसकी मेहनत रंग ला दे.जब नीट परीक्षा खत्म हुई तो शुभम कमाने के लिए बेंगलुरु चला गया.शुभम का सोचना था कि इस कमाई से वह अपने पिरवार की कुछ मदद कर सकेगा.ऐसे में शुभम बेंगलुरु में मजदूरी करने लगा. तीन महीने की मेहनत से उसने 45,000 रुपये कमाए, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. एक दिन उसके शिक्षक बासुदेव मोहराणा का फोन आया और उन्होंने खुशखबरी दी कि शुभम ने नीट पास कर ली है. ये सुनकर शुभम के आंसू निकल पड़े और अगले दिन वह ठेकेदार से छुट्टी लेकर घर लौट आया.
NEET UG 2025: नीट में मिली सफलता
पहले था पुलिस ऑफिसर बनने का ख्वाब
शुभम के परिवार में कुल पांच सदस्य हैं.परिवार में हमेशा से पैसों की तंगी रही.शुभम का कहना है कि उसके पास अपने परिवार को सहारा देने के अलावा कोई रास्ता नहीं था. जब नीट की परीक्षा हुई तो उसने सोचा कि कुछ पैसे कमाकर परिवार की मदद करूं इसलिए वह बेंगलुरु चला गया.शुभम का कहना है कि पहले वह पुलिस ऑफिसर बनना चाहता था,लेकिन पढ़ाई के दौरान उसने डॉक्टर बनने की ठानी. अब वह इस सपने को पूरा करने की राह पर है.
परिवार को थी उम्मीद
लोगों की मदद करना चाहता है शुभम
शुभम का सपना सिर्फ डॉक्टर बनना ही नहीं है,बल्कि अपने गरीब लोगों की सेवा करना भी है. शुभम का कहना है कि वह डॉक्टर बनकर अपने लोगों की मदद करना चाहता है. उसकी मेहनत का असली फल तभी मिलेगा, जब वह अपने गांव और राज्य के लिए कुछ कर सके.शुभम सबर की कहानी साबित करती है कि मेहनत और हिम्मत से कोई भी सपना पूरा हो सकता है.चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों. एक प्रवासी मजदूर से डॉक्टर बनने तक का ये सफर हर युवा के लिए प्रेरणा है.

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य…और पढ़ें
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य… और पढ़ें