UP की वो ओमवती देवी, जिनका नाम लेकर शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र
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Omvati Devi: बिजनौर लोकसभा सीट से सांसद रहीं ओमवती देवी का जन्म बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र के ताखावली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्ष गांव में हुई फिर बाद में उन्होंने धामपुर स्थित आरएसएम डिग्री कालेज से शिक्षा प्राप्त की.
पूर्व सांसद ओमवती देवी को संसद में श्रद्धांजलि दी गई.
लखनऊः आज से लोकसभा में मानसून सत्र शुरू हो गया है. इस दौरान कई पूर्व सांसदों व सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनका किसी कारणवश निधन हो गया. सबसे पहले संसद भवन में जिसका नाम लिया गया, उनमें ओमवती देवी का नाम शामिल है. ओमवती देवी का इसी साल 8 मई को निधन हो गया था. ओमवती देवी का नाम उन नेताओं में गिना जाता था, जिन्होंने गांव और सामान्य परिवार से निकलकर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान बनाई. ओमवती देवी की राजनीतिक समझ आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने हर पार्टी के लिए काम किया है.
हर प्रभावशाली नेताओं से ओमवती देवी के अच्छे संंबंध
राजनीति में उनका ऐसा रसूख था कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और राजनाथ सिंह सहित लगभग सभी प्रमुख दलों के बड़े नेताओं से उनके अच्छे संबंध रहे. ओमवती देवी का पूरा राजनीतिक जीवन नगीना से जुड़ा रहा. नगीना शहर के मंडी मौलगंज स्थित उनका आवास वर्षों तक क्षेत्रीय राजनीति का केंद्र बना रहा.
1985 में ओमवती देवी ने पहली बार लड़ा था चुनाव
यहां रोजाना क्षेत्र के लोगों, कार्यकर्ताओं और नेताओं की भीड़ लगी रहती थी. उनकी पहचान सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं बल्कि ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में थी. क्षेत्रके लोग उन्हें सहज और सरल स्वभाव वाले नेता मानते थे. ओमवती देवी ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी. साल 1985 में उन्होंने नगीना सुरक्षित विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. यहीं से उनकी राजनीतिक जीवन की शुरुआत थी.
चार बार विधायक चुनी गईं ओमवती देवी
ओमवती देवी नगीना विधानसभा सीट से चार बार विधायक चुनी गईं. 1996 और साल 2022 में सपा से और साल 2007 में बसपा से चुनाव जीती थीं. लगातार अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहने के बावजूद उनका जनाधार बहुत मजबूत था. ओमवती देवी जब साल 2007 के विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ीं और जीतीं तो उन्हें बसपा सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया.
2014 में पति के साथ भाजपा में शामिल हो गईं ओमवती देवी
हालांकि 12वीं लोकसभा में ओमवती देवी ने बिजनौर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ लिया और जीत हासिल कर ली. इस तरह से उनका दिल्ली का सफर शुरू हो गया. वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ओमवती देवी अपने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आरके सिंह के साथ भाजपा में में शामिल हो गई थीं. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया. लेकिन सपा प्रत्याशी मनोज पारस ने उन्हें हरा दिया.
ओमवती देवी के घर में कौन-कौन
ओमवती देवी का जन्म बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र के ताखावली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्ष गांव में हुई फिर बाद में उन्होंने धामपुर स्थित आरएसएम डिग्री कालेज से शिक्षा प्राप्त की. उनका विवाह सरकारी अधिकारी व बाद में आईएएस बने आरके सिंह से हुआ. दोनों की तीन बेटियां और एक बेटा है. बेटे राजीव सिंह यूपी पुलिस में अधिकारी हैं. वहीं उनकी बहू हैनरीता राजीव सिंह राजनीति में सक्रिय हैं.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें